मुंगेली/नगर के हृदयस्थल में रविवार के दिन एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीरता,स्वाभिमान और अदम्य साहस के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस गौरवमयी क्षण के साथ ही स्थानीय क्षत्रिय समाज द्वारा तीन दशकों से देखा जा रहा सपना अंततः साकार हुआ।
प्रमुख अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू,उपमुख्यमंत्री अरुण साव,जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन और क्षेत्रीय विधायक पुन्नूलाल मोहले एवं नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला,वार्ड पार्षद आयशा मकबूल खान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और सामाजिक पदाधिकारियों ने महाराणा प्रताप के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
महाराणा प्रताप केवल समाज के नहीं,पूरे राष्ट्र के गौरव:मुख्यमंत्री
प्रतिमा का अनावरण करने के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाराणा प्रताप के जीवन और उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि
मुंगेली की इस पावन धरा पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। महाराणा प्रताप शौर्य,त्याग और स्वाभिमान के उस शिखर का नाम है,जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि अपनी संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और साहस की प्रेरणा देती रहेगी। हमारी सरकार महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
तीन दशक का इंतजार हुआ खत्म,समाज ने जताया आभार
मुंगेली में समाज के पूर्व अध्यक्ष स्व विपनेश सिंह के प्रयास से नगर के इस चौक का नाम महाराणा प्रताप चौक किया गया था और नामकरण के बाद से ही भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग पिछले 30 वर्षों से की जा रही थी। प्रतिमा के अनावरण के बाद क्षत्रिय समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। समाज ने कहाकि यह केवल एक मूर्ति नहीं,बल्कि मुंगेली के गौरव और पहचान का प्रतीक है।
कार्यक्रम में सामाजिक जनों की भारी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे,जिनमें मुख्य रूप से शंकर सिंह परिहार (संरक्षक,कन्नौजिया क्षत्रिय समाज),होरी सिंह डोंड (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष,राजपूत क्षत्रिय महासभा 1282),आनंद वल्लभ सिंह राठौर (अध्यक्ष,छ.ग. क्षत्रिय कन्नौजिया समाज),लखन सिंह राजपूत,नर्वेंद्र सिंह राजपूत,भीष्म सिंह राजपूत (लोरमी), चित्रकांत सिंह श्रीनेत,लोकनाथ सिंह,शिवप्रताप सिंह,उमाकांत सिंह ठाकुर,राणा प्रताप सिंह,रणजीत सिंह बघेल,आलोक सिंह परिहार (प्रदेश अध्यक्ष,क्षत्रिय करणी सेना),सरपंच राधाचरण सिंह परिहार,श्री ठाकुर,गोकुलेश सिंह परिहार,विपिन सिंह ठाकुर,प्रदेश उपाध्यक्ष करनी सेना,संजय सिंह साधु,धनराज सिंह,राघवेन्द्र बब्बू सिंह,रविराज सिंह ठाकुर,सत्तू सिंह,रविकांत सिंह,प्रफुल्ल सिंह,दिलबाग सिंह,श्रीओम सिंह,देवेंद्र सिंह गहरवार,अविरल सिंह ठाकुर सहित हजारों की संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप की इस भव्य प्रतिमा के अनावरण के बाद मुंगेली नगर के सौंदर्य में वृद्धि तो हुई ही है,साथ ही यह स्थल अब नागरिकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। कार्यक्रम के अंत में शौर्य गाथाओं के साथ पूरा परिसर ‘जय राजपुताना’ और ‘महाराणा प्रताप अमर रहें’ के नारों से गुंजायमान रहा।





