मुंगेली/मुंगेली जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के लंबित मानदेय का मुद्दा गर्माता नजर आ रहा है। नगर पालिका परिषद मुंगेली के अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अपर कलेक्टर को पत्र लिखा है। उन्होंने जिला प्रशासन से उन सभी महिला कर्मियों को उनके काम का वाजिब मेहनताना जल्द से जल्द देने की मांग की है, जिन्होंने सरकारी कार्यों में पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान दिया है।
क्या है पूरा मामला?
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला द्वारा जारी पत्र के अनुसार,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनें लंबे समय से मुंगेली क्षेत्र में विभिन्न सरकारी कार्यों,जैसे चुनाव ड्यूटी (ईलेक्शन) और एस.आई.आर. (S.I.R.) सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इन महिलाओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य संपादित किया है,लेकिन विडंबना यह है कि इन कार्यों के बदले उन्हें मिलने वाला ‘मानदेय’ अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
जनसम्पर्क और जनगणना कार्यों पर असर
पत्र में सबसे अहम बात यह उठाई गई है कि वर्तमान में जिले में जनसम्पर्क और आगामी ‘जनगणना’ का कार्य प्रस्तावित है। प्रशासन इन कार्यों के लिए पुनः आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की सेवाएँ लेने जा रहा है।
अध्यक्ष ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा है कि जिन कर्मचारियों को उनके पिछले किए गए कार्यों का पारिश्रमिक नहीं मिला है,उनसे नए कार्य की उम्मीद करना उचित नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए और सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार उनके लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर क्लियर किया जाना चाहिए।
लंबित भुगतान जल्द कराया जाए
चुनाव और अन्य सरकारी कार्यों का जो मानदेय लंबे समय से रुका हुआ है,उसका तत्काल भुगतान किया जाए।
आगामी जनगणना कार्यों के लिए जो भी मानदेय निर्धारित किया जाए,उसका भुगतान समय सीमा के भीतर सुनिश्चित हो ताकि कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी न हो।
पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वे इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार करें ताकि फील्ड पर काम करने वाले इन कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और वे आगामी सरकारी कार्यों में पूरी तत्परता से सहयोग कर सकें।
जिला प्रशासन की भूमिका अब महत्वपूर्ण
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद अब गेंद जिला प्रशासन के पाले में है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंगेली जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और कब तक इन महिला कर्मचारियों के खातों में बकाया मानदेय की राशि पहुंचती है।
फिलहाल इस पत्र ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की लंबित मांगों को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।




