कॉलोनी में सड़क,नाली,पेयजल सहित मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत,जांच में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन की बात,धारा 339(ग) के तहत अभियोजन की अनुशंसा
मुंगेली/शहर की चर्चित स्वर्ण वाटिका कॉलोनी एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई के दायरे में आ गई है। मिली जानकारी के अनुसार,कालीमाई वार्ड के रहवासियों द्वारा कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के बाद नगर पालिका परिषद मुंगेली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलोनाइजर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की है। नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर ने कलेक्टर कुंदन कुमार को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम,1961 की धारा 339(ग) के तहत एफआईआर दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई कराने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। नगर पालिका द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1439/न.पा./भ.नि.शा./2026-27 दिनांक 15 जुलाई 2026 में उल्लेख किया गया है कि स्वर्ण वाटिका कॉलोनी के संबंध में कालीमाई वार्ड के निवासियों ने शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में कहा गया कि कॉलोनाइजर ने भूखंडों की बिक्री के समय कॉलोनी में सड़क,नाली,पेयजल,विद्युत व्यवस्था,बाउंड्री वॉल तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन दिया था,लेकिन वर्तमान तक इन सुविधाओं का विकास नहीं कराया गया। इससे कॉलोनी में रहने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार,शिकायत मिलने के बाद नगर पालिका द्वारा मौके का निरीक्षण कराया गया और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया गया। पत्र में उल्लेख है कि निरीक्षण एवं दस्तावेजों की जांच के दौरान प्रथम दृष्टया छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम,1961 तथा प्रचलित कॉलोनी विकास नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आए। इसी आधार पर नगर पालिका ने मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर से विधिसम्मत कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है। नगर पालिका ने अपने पत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग,मंत्रालय,नया रायपुर द्वारा जारी पत्र क्रमांक LAND-4302/6/2026-UAD दिनांक 23 फरवरी 2026 का भी उल्लेख किया है। इसमें ऐसे मामलों में अधिनियम की धारा 339(ग) के अंतर्गत अभियोजन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका का कहना है कि उसी निर्देश के अनुरूप यह प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि यदि जांच में अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। नगर पालिका ने कलेक्टर से आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया है ताकि आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सके। मिली जानकारी के अनुसार इस पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक मुंगेली,अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदार मुंगेली को भी भेजी गई है जिससे संबंधित विभागों को मामले की जानकारी रहे और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई के बाद स्वर्ण वाटिका कॉलोनी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं। यदि कलेक्टर स्तर से अभियोजन की अनुमति प्रदान की जाती है, तो संबंधित कॉलोनाइजर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने सहित आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकती है। वहीं कॉलोनी के रहवासियों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित सड़क,नाली,पेयजल,बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में भी ठोस पहल होगी।




