पूनम जनरल स्टोर और गुरुकृपा मोबाइल शॉप की राख ने बयां किया दर्द,नपा अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन,कहा:चंद मिनटों की देरी पड़ रही है जिंदगी और पूंजी पर भारी
मुंगेली/शहर के भीतर लगातार बढ़ रही आबादी और व्यापारिक विस्तार के बीच एक हैरान करने वाला प्रशासनिक फैसला लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ रहा है। कभी मुंगेली शहर के बीचों-बीच ‘सिटी कोतवाली’ परिसर में तैनात रहने वाली फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अब शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर ग्राम लालाकापा स्थित पुलिस लाइन परिसर में भेज दिया गया है। इस दूरी के कारण आपातकाल के समय शहर तक पहुँचने में दमकल वाहनों को अनावश्यक देरी हो रही है,जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोमवार को जिला कलेक्टर कुंदन कुमार को एक औपचारिक आवेदन सौंपकर फायर ब्रिगेड वाहनों को पुनःशहर के भीतर ही तैनात करने की पुरजोर मांग की है।
हालिया हादसों ने खोली व्यवस्था की पोल,सुलग रहे हैं कई सवाल
यह मांग केवल एक प्रशासनिक पत्र नहीं है,बल्कि इसके पीछे शहरवासियों का वो दर्द है जो उन्होंने पिछले कुछ महीनों में झेला है।
करीब चार महीने पहले की घटना:मल्हापारा स्थित ‘पूनम जनरल स्टोर’में भीषण आग लगी थी। चूंकि फायर ब्रिगेड शहर से दूर थी,उसे घटनास्थल तक पहुँचने में लंबा वक्त लग गया। जब तक पानी की बौछारें शुरू हुईं,तब तक दुकान और उसमें रखे कीमती सामान जलकर खाक हो चुका था।
ताजा मामला:अभी दो दिन पहले ही महाराणा प्रताप चौक,जेसीज पब्लिक स्कूल के बाजू में स्थित ‘गुरुकृपा मोबाइल शॉप’ में शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से अचानक आग भड़क उठी। इस दौरान भी दमकल विभाग को सूचना तो तत्काल दी गई,लेकिन दूरी अधिक होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वक्त पर नहीं पहुँच सकीं। इस मामूली सी लगने वाली ‘प्रशासनिक देरी’ की वजह से दुकान संचालक को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों का कहना है कि आगजनी जैसी घटनाओं में एक-एक मिनट की कीमत लाखों रुपये और किसी की जिंदगी के बराबर होती है। ऐसे में शहर से 4 किलोमीटर दूर गाड़ियां खड़ी करना समझ से परे है।
पूर्व की व्यवस्था ही थी बेहतर:नपा अध्यक्ष रोहित शुक्ला
कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने उल्लेख किया है कि शासन की ‘सीजी फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज’ योजना के तहत मुंगेली जिले को तीन फायर ब्रिगेड वाहन प्राप्त हुए थे। पूर्व में इन वाहनों का संचालन नगर पालिका परिषद द्वारा ही किया जा रहा था और इन्हें शहर के मध्य स्थित सिटी कोतवाली परिसर में सुरक्षित रखा गया था।
केंद्रीय स्थान पर होने के कारण जैसे ही मुंगेली या उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों से आगजनी की सूचना आती थी,दमकल कर्मी चंद मिनटों में मौके पर पहुँचकर जान-माल की हानि को रोक लेते थे। लेकिन जब से इन्हें लालाकापा पुलिस लाइन शिफ्ट किया गया है,तब से घटनास्थल तक पहुँचने का समय काफी बढ़ गया है।
घनी आबादी और बढ़ते बाजार को सुरक्षा की दरकार
मुंगेली शहर का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। शहर में कई घनी आबादी वाले वार्ड,तंग गलियां और बड़े-बड़े व्यावसायिक संस्थान हैं। ऐसे संवेदनशील इलाकों में यदि खुदा न खास्ता कोई बड़ी आगजनी हो जाए,तो 4 किलोमीटर दूर से फायर ब्रिगेड के आने का इंतजार करना किसी बड़ी तबाही को न्योता देने जैसा है।
नपा अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने जनहित और आपातकालीन सेवाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर से मांग की है कि फायर ब्रिगेड वाहनों को पूर्व की भांति पुनःसिटी कोतवाली परिसर अथवा शहर के किसी अन्य उपयुक्त एवं केंद्रीय स्थान पर रखवाया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस पर सकारात्मक और त्वरित फैसला लेगा ताकि मुंगेलीवासियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।



