मुंगेली/इन दिनों समूचा इलाका भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है। ऐसे मौसम में आम जनता को सबसे ज्यादा जरूरत बिजली और पानी की होती है,लेकिन मुंगेली में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण नागरिकों को नरकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शहर में बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी,इसका कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के 10 से 12 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है,जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। कटौती के साथ-साथ कई मोहल्लों में लो वोल्टेज की समस्या नासूर बन चुकी है।
जिम्मेदार अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब:”गर्मी ज्यादा है”
हैरानी की बात यह है कि इस संकट के दौर में जनता की सुध लेने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आ रहा है। जब भी विभागीय अधिकारियों से इस समस्या को लेकर संपर्क किया जाता है, तो उनका सिर्फ एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता है “अधिक गर्मी के कारण लोड बढ़ गया है,इसलिए समस्या आ रही है।”इस तकनीकी बहानेबाजी की आड़ में विभाग अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास कर रहा है।
पाठक पारा में रातभर जागते रहे लोग,बेपरवाह रहे जेई वर्मा
बीती रात विद्युत विभाग की लापरवाही का चरम रूप देखने को मिला। रात लगभग 1 बजे पाठक पारा सहित उन तमाम मोहल्लों में, जहां एसबीआई (SBI) के पास लगे ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई होती है,अचानक वोल्टेज लो-हाई (फ्लक्चुएशन) होने लगा। इसके कारण घरों के पंखे,कूलर और एसी बंद हो गए। भीषण उमस और गर्मी के कारण बच्चे,बुजुर्ग और महिलाएं रातभर सो नहीं सके।
सजग नागरिकों द्वारा विद्युत विभाग के जेई मनोज वर्मा को तत्काल इसकी जानकारी दी गई और समस्या से अवगत कराया गया। इसके बावजूद,मौके पर व्यवस्था सुचारू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और अधिकारी गहरी नींद सोते रहे।
शोपीस बना ‘फ्यूज कॉल नंबर’ और अफसरों के मोबाइल
विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज करने के लिए जारी किया गया ‘फ्यूज कॉल नंबर’ महज एक दिखावा और शोपीस साबित हो रहा है। परेशान नागरिक जब इस नंबर पर फोन करते हैं,तो कोई कॉल रिसीव नहीं करता। हद तो तब हो जाती है जब विभाग के उच्च अधिकारी भी संकट के समय अपने मोबाइल फोन उठाना बंद कर देते हैं,जिससे जनता में प्रशासनिक संवेदनहीनता को लेकर भारी नाराजगी है।
भाजपा नेता शैलेश पाठक ने एसडीएम से की शिकायत,तब जागा विभाग
जब पानी सिर से ऊपर चला गया,तब भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष शैलेश पाठक ने इस गंभीर समस्या का संज्ञान लिया। उन्होंने सुबह सीधे अजय शतरंज एसडीएम मुंगेली से संपर्क कर बिजली विभाग की इस मनमानी और लापरवाही की तीखी शिकायत की।
एसडीएम के हस्तक्षेप और प्रशासनिक दबाव के बाद विभाग की कुंभकर्णी नींद खुली और सुबह लगभग 9 बजे जाकर बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी। बाद में जानकारी सामने आई कि यह पूरी समस्या महज ‘न्यूट्रल कट जाने’के कारण हुई थी। तकनीकी जानकारों के मुताबिक,जिस काम को महज आधे घंटे में सुधारा जा सकता था,उसे सुधारने में बिजली विभाग को पूरे 9 घंटे लग गए।
जनता का सब्र का बांध टूटा,कभी भी भड़क सकता है जन-आक्रोश
लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर मुंगेली की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का साफ कहना है कि हम नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, फिर भी हमें इस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया और लापरवाही पर लगाम नहीं कसी गई,तो जनता का यह आक्रोश कभी भी उग्र आंदोलन और विस्फोटक रूप ले सकता है,जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



