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गौरवपथ से रायपुर रोड और महाराणा प्रताप चौक से कवर्धा रोड तक उड़ रही धूल,दुकानदारों का कारोबार प्रभावित,बीमारी का खतरा बढ़ने की आशंका,टैंकर से पानी छिड़काव कराने की मांग
मुंगेली/नगर में इन दिनों आम जनता और व्यापारियों के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। यह समस्या है सड़कों से उड़ते धूल के गुबार की। नगर के गौरवपथ से लेकर रायपुर रोड,महाराणा प्रताप चौक से कवर्धा रोड सहित शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर दिनभर उड़ती धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इन मार्गों पर भारी वाहनों का लगातार आवागमन होता है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के कारण सड़कों पर जमी धूल का गुबार हवा में फैल जाता है,जिससे राहगीरों,वाहन चालकों,आसपास रहने वाले नागरिकों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन में व्यापारियों की बढ़ी परेशानी,ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से कर रहे परहेज
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर सड़क किनारे दुकान संचालित करने वाले व्यापारियों पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए उनके द्वारा अपने प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है। दुकानों में सामान का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है,ताकि ग्राहक पहुंचकर खरीदारी कर सकें और व्यापार में अच्छी आमदनी हो सके। लेकिन सड़कों से लगातार उड़ रही धूल ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
व्यापारियों के मुताबिक,वाहनों के गुजरते ही धूल के गुबार दुकानों के भीतर तक पहुंच जाते हैं। दुकानों में रखा सामान धूल से खराब और गंदा हो रहा है। वहीं ग्राहक भी धूल और गंदगी के कारण दुकानों में आने से कतराने लगे हैं। इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का यह भी कहना है कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कई बार अवगत कराने के बावजूद नहीं हुआ समाधान,आखिर क्यों मौन हैं जिम्मेदार?
व्यापारियों का आरोप है कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए उनके द्वारा नगर पालिका परिषद के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। साथ ही प्रमुख मार्गों पर टैंकर के माध्यम से नियमित पानी का छिड़काव कराने का निवेदन भी किया गया है,ताकि उड़ती धूल से आम जनता को राहत मिल सके। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी अथवा प्रभावी समाधान नजर नहीं आ रहा है।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आम जनता एवं व्यापारियों की यह समस्या गंभीर क्यों नहीं लग रही है? जब नगर पालिका के पास संसाधन उपलब्ध हैं और टैंकर के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर पानी का छिड़काव कराया जा सकता है,तो फिर इस दिशा में पहल क्यों नहीं की जा रही है?
धूल के सूक्ष्म कण स्वास्थ्य के लिए खतरा,बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में मौजूद धूल के सूक्ष्म कण लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इनके संपर्क में आने से खांसी,छींक,एलर्जी,आंखों में जलन,सांस लेने में परेशानी और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक धूल के संपर्क में रहने से फेफड़ों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से बच्चों,बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
ऐसे में नगर के प्रमुख मार्गों पर उड़ती धूल केवल असुविधा का विषय नहीं,बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर चिंता भी है। सुबह से शाम तक इन मार्गों से गुजरने वाले नागरिकों को मजबूरी में धूल के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्यों में देरी और ठेकेदारों की मनमानी भी बन रही परेशानी की वजह!
नगर में सड़कों की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्यों में देरी को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। आम नागरिकों का कहना है कि विभिन्न मार्गों पर चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा नहीं किए जाने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। इसका उदाहरण नगर का गौरवपथ भी है,जहां निर्माण कार्य में देरी और सड़क की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्यों में देरी के बावजूद संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आती। बल्कि नए निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी भी उन्हीं ठेकेदारों को दिए जाने की चर्चा होती है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरे नहीं होते और आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है,तो जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था आखिर कहां है?
जनप्रतिनिधियों से उम्मीद,अधिकारियों को निर्देश देकर दिलाएं राहत
नगर की जनता का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हैं। ऐसे में अब उनसे अपेक्षा है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दें।
कम से कम फिलहाल प्रमुख मार्गों पर टैंकर के माध्यम से नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए। साथ ही धूल उड़ने के कारणों का निरीक्षण कर आवश्यक सफाई,सड़क सुधार और निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि जनता एवं व्यापारियों की इस परेशानी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्योंकि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य केवल निर्माण कराना नहीं,बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। यदि नगर की जनता को रोजाना धूल के गुबार के बीच आवागमन करना पड़े और व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में ग्राहकों का इंतजार करते रह जाएं,तो ऐसे विकास कार्यों की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।



