मुंगेली/नगर में दस दिनों तक गणेश उत्सव का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान नगरवासियों ने अपने घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से स्थापना कर पूजा-अर्चना की। गणेश उत्सव को लेकर विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। दस दिनों तक नगर के विभिन्न स्थानों पर गणेश पंडालों में धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर हवन-पूजन के पश्चात श्रद्धालु भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए पुलपारा स्थित घाट पहुंचे। लेकिन घाट पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं को कथित तौर पर अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि गणेश विसर्जन के लिए पहले से निर्धारित घाट पर नगर पालिका परिषद एवं जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं नजर नहीं आईं।
श्रद्धालुओं के अनुसार घाट पर पर्याप्त साफ-सफाई नहीं होने के कारण बारिश के बाद भारी कीचड़ जमा हो गया था। प्रतिमा लेकर घाट तक पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। स्थिति यह रही कि कई श्रद्धालु कीचड़ में फिसलते हुए भी नजर आए। महिलाओं,बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा।
अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च और दीयों के सहारे विसर्जन
घाट पर प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिली। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को अंधेरे में ही विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। कई लोग अपने मोबाइल फोन की टॉर्च तो कुछ श्रद्धालु दीयों की रोशनी के सहारे भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन करते दिखाई दिए। लोगों ने सवाल उठाया कि जब गणेश विसर्जन की तिथि और घाट की जानकारी प्रशासन को पहले से थी,तो प्रकाश व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
श्रद्धालुओं ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग घाट पहुंचते हैं,जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल होते हैं। ऐसे में घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। बारिश और कीचड़ के बीच अंधेरे में विसर्जन करने से दुर्घटना की आशंका को लेकर भी श्रद्धालु चिंतित नजर आए।
पूर्व पार्षद संजय सिंह ठाकुर ने जताई नाराजगी
रामगोपाल तिवारी वार्ड के पूर्व पार्षद संजय सिंह ठाकुर ने घाट की अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि सुबह से ही नगर में बारिश हो रही है और इसी के बावजूद बड़ी संख्या में आम नागरिक भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए घाट पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि घाट पर न तो समुचित सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी और न ही साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था को लेकर गंभीरता बरती गई। उन्होंने कहा कि गणेश विसर्जन के लिए महिलाएं और बच्चे भी घाट पहुंच रहे हैं,ऐसे में बारिश के कारण बने कीचड़ और अंधेरे के बीच लोगों को विसर्जन करना पड़ा,जो चिंता का विषय है।
पहले से थी जानकारी,फिर भी नहीं हुई तैयारी—लोगों में नाराजगी
घाट पर मौजूद अन्य नागरिकों ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि गणेश विसर्जन की तिथि पहले से निर्धारित थी और प्रशासन एवं नगर पालिका को यह भी जानकारी थी कि अनंत चतुर्दशी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुलपारा घाट पहुंचेंगे। इसके बावजूद घाट पर साफ-सफाई,प्रकाश,पहुंच मार्ग और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं समय रहते नहीं की गईं।
लोगों का कहना था कि बारिश के मौसम को देखते हुए घाट के आसपास कीचड़ एवं फिसलन की स्थिति बनना स्वाभाविक था। ऐसे में प्रशासन को पहले से ही आवश्यक तैयारियां करनी चाहिए थीं। श्रद्धालुओं ने मांग की कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों और विसर्जन स्थलों पर समय रहते पर्याप्त सफाई,प्रकाश,सुरक्षा एवं सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,ताकि श्रद्धालुओं को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
गणेश विसर्जन के पावन अवसर पर घाट की अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं में दिखाई दी नाराजगी ने नगर पालिका परिषद एवं प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।



