मुंगेली/प्रदेश में एक ओर सुशासन और विकास की बयार बहने के दावे किए जा रहे हैं,वहीं जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत टेमरी का आश्रित ग्राम कनौजिया कापा आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। मंगलवार को ‘कलेक्टर जनदर्शन’ में ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया,जहाँ उन्होंने जर्जर सड़क की समस्या को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
सड़क से डामर गायब,अब सिर्फ गड्ढे और धूल
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य सड़क का निर्माण लगभग 13 वर्ष पूर्व हुआ था। पर रखरखाव के अभाव और विभागीय उदासीनता के चलते अब सड़क का नामोनिशान मिट चुका है। आलम यह है कि डामर की जगह केवल गहरी खाइयां और मिट्टी नजर आती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से क्षेत्रीय विधायक पुन्नूलाल मोहले से लेकर जिले के आला अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं,लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ।
बारिश में ‘टापू’ बन जाता है गांव,एम्बुलेंस तक का रास्ता बंद
आवेदन में ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि मानसून के आते ही गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण यह मार्ग चलने लायक नहीं रहता जिससे:
शिक्षा पर संकट:स्कूली बच्चों को कीचड़ के बीच जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप:सड़क की बदहाली की वजह से 108/102 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं आ पाती। इससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
आर्थिक मार:दैनिक रोजगार और व्यापार के लिए शहर जाने वाले ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सुशासन तिहार’में भी पूरी नहीं हुई उम्मीद
ग्रामीणों ने भारी मन से बताया कि उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ से बड़ी उम्मीदें थीं। उन्होंने वहां भी सड़क निर्माण के लिए गुहार लगाई थी कि शायद नई सरकार के सुशासन में उनकी सुध ली जाएगी,लेकिन वह उम्मीद भी अब तक पूरी नहीं हुई। आज भी ग्रामीण कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सरपंच और ग्रामीणों की दोटूक:”अब और इंतजार नहीं”
इस मांग पत्र पर ग्राम पंचायत टेमरी के सरपंच दिग्विजय सिंह,लक्की सिंह ठाकुर,पंच मोहन साहू,पंचू राम और ग्रामीण नरेंद्र साहू,योगेश साहू सहित अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे। सरपंच और ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विभागीय पक्ष:शासन से निर्देश मिलने का इंतजार
मामले में प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के इंजीनियर सुरेन्द्र साहू का कहना है कि:
“जनदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हुआ है। इसे उच्च स्तर पर प्रदेश सरकार के संज्ञान में भेजा जाएगा। जैसे ही शासन से निर्देश और बजट प्राप्त होगा,आवश्यक कार्यवाही की जाएगी ताकि बारिश से पहले ग्रामीणों को राहत मिल सके।”
बहरहाल जिला मुख्यालय की नाक के नीचे एक गांव का 13 साल तक सड़क के लिए तरसना प्रशासनिक सक्रियता पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जनदर्शन में मिले इस आवेदन पर मुंगेली जिला प्रशासन कितनी तत्परता दिखाता है या फिर कनौजिया कापा के ग्रामीणों को एक और बरसात कीचड़ में ही गुजारनी पड़ेगी।



