मुंगेली/मानसून आने में अभी कुछ ही दिन बचे हैं,लेकिन छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला अंतर्गत आने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के नागरिकों की धड़कनें अभी से तेज होने लगी हैं। बिलासपुर-मुंगेली मार्ग से लेकर ‘नहर रोड यूसुफ राईस मिल’ तक जाने वाली एकमात्र मुख्य सड़क इस वक्त बदहाली के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। सड़क पूरी तरह से कच्ची है और जगह-जगह इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि जरा सी बारिश होते ही यहाँ घुटनों तक पानी भर जाता है। पूरा इलाका दलदल और कीचड़ के टापू में तब्दील हो जाता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर वार्ड के पीड़ित नागरिकों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुंगेली कलेक्टर और नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रोहित शुक्ला को एक लिखित आवेदन सौंपकर इस सड़क के तत्काल डामरीकरण/पक्कीकरण की मांग की है। नागरिकों के इस दुख को समझते हुए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और स्वयं पत्र लिखकर कलेक्टर से जनहित में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
वार्डवासियों द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार,बिलासपुर-मुंगेली रोड (सोनकर सेल्स के पास) से यूसुफ राईस मिल नहर रोड की तरफ जाने वाला रास्ता इस पूरे मोहल्ले के आवागमन का एकमात्र सहारा है। सड़क निर्माण न होने के कारण वर्तमान में स्थितियाँ भयावह हैं
घुटनों तक पानी और कीचड़:हल्की बारिश में भी सड़क तालाब बन जाती है। मोहल्ले में छोटे-छोटे बच्चे हैं जिन्हें स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी होती है।
स्वास्थ्य और आपातकालीन संकट:वार्डवासियों का कहना है कि यदि रात-बिरात या दिन में कोई अचानक बीमार पड़ जाए,तो कीचड़ और पानी भरे रास्तों से उसे अस्पताल ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। एम्बुलेंस या अन्य गाड़ियां भी इस दलदल में फंस जाती हैं।
आर्थिक नुकसान:इस खस्ताहाल रास्ते के कारण स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है।
अजीबो-गरीब खेल:बोर्ड लगाया,मिट्टी बराबर की…और फिर गायब!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ यह है कि कुछ समय पूर्व इस नहर रोड को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत स्वीकृत किया गया था। बकायदा विभाग द्वारा यहाँ योजना का बोर्ड भी टांग दिया गया था। ठेकेदार ने काम शुरू करते हुए सड़क पर मिट्टी बराबर करने का काम भी शुरू किया था।
लेकिन,कुछ अज्ञात और ‘अपरिहार्य’ कारणों का हवाला देकर अचानक उस बोर्ड को वहाँ से उखाड़ दिया गया और निर्माण कार्य को अधर में ही रोककर बंद कर दिया गया। तब से लेकर आज तक सड़क भगवान भरोसे पड़ी हुई है।
जाम की समस्या से भी मिलेगी मुक्ति
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने कलेक्टर को लिखे अपने आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि बिलासपुर-मुंगेली से नहर रोड यूसुफ राईस मिल तक पक्की सड़क का निर्माण करा दिया जाता है,तो इससे न केवल इस वार्ड के लोगों को बल्कि आम नागरिकों को भी बड़ा फायदा होगा।
वर्तमान में दाऊपारा चौक से नवागांव,घुटेरा,कोदवा रोड पर हर समय गाड़ियों का भारी दबाव रहता है और घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। यदि यह नहर रोड पक्की बन जाती है,तो कोदवा,लालपुर,लोरमी और अन्य गांवों की ओर आने-जाने वाले वाहन चालक इस वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे,जिससे दाऊपारा चौक पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
नेताओं से लेकर अफ़सरों तक लगा चुके हैं चक्कर
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक,इस सड़क की मांग को लेकर वे पहले भी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव,मुंगेली विधायक,पुन्नूलाल मोहिले,तथा मुख्य अभियंता,लोक निर्माण विभाग को कई बार लिखित में आवेदन देकर गुहार लगा चुके हैं,लेकिन नतीजा अब तक ‘सिफर’ रहा है।
नपा अध्यक्ष की मांग:बारिश से पहले गिट्टी डालना जरूरी
चूंकि बारिश का मौसम सिर पर है,इसलिए नागरिकों और नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने मांग की है कि बड़ी अनहोनी या रास्ता पूरी तरह बंद होने से रोकने के लिए,कॉलोनी तक यथाशीघ्र कम से कम गिट्टी (मुरम) डालकर पक्की सड़क का निर्माण तुरंत शुरू कराया जाए।
इस संयुक्त आवेदन में आराधना तिवारी,अभिषेक देवांगन,रजिया बेगम,श्यामा बाई, यशोदा सोनकर,प्रमोद कुमार भास्कर,शशि बर्मन,प्राची श्रीवास्तव,संतोष सोनकर,रोहित साहू,ओमप्रकाश देवांगन,लक्ष्मी नारायण जायसवाल समेत अन्य वार्डवासियों ने मांग किया है।अब देखना यह है कि प्रशासन मानसून के तांडव से पहले जागता है या वार्डवासियों को इस बार भी कीचड़ में तैरकर मुख्य मार्ग तक आना होगा।



