मुंगेली/शहर के अंबेडकर वार्ड स्थित शिक्षक नगर कॉलोनी के निवासी इन दिनों एक निजी होटल की अव्यवस्थाओं और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली कार्यप्रणाली से बेहद त्रस्त हैं। होटल ‘सिंह इंटरनेशनल’ द्वारा फैलाए जा रहे ध्वनि प्रदूषण और कचरे के कुप्रबंधन के खिलाफ अब कालोनीवासियों ने लामबंद होकर जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
निवासियों का आरोप है कि होटल प्रबंधन न तो नगर पालिका के स्वच्छता नियमों का पालन कर रहा है और न ही प्रशासन के ध्वनि संबंधी दिशा-निर्देशों का।
कोलाहल अधिनियम की सरेआम धज्जियाँ
शिकायत के अनुसार,होटल में देर रात तक कान फोड़ू आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर बजाए जाते हैं। यह सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन है।
नियम क्या कहता है:इस अधिनियम के तहत आवासीय क्षेत्रों में रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक लाउडस्पीकर या उच्च ध्वनि वाले यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित है। बिना अनुमति के और निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक शोर करना दण्डनीय अपराध है।
प्रभाव:इस शोर के कारण वार्ड के बुजुर्गों,बीमार व्यक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का जीना मुहाल हो गया है।
गंदगी और ड्रेनेज सिस्टम से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
होटल द्वारा फैलाए जा रहे कचरे ने महामारी की आशंका बढ़ा दी है। होटल प्रबंधन अपने किचन का बचा हुआ भोजन, सड़ा-गला कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थ सीधे सार्वजनिक नालियों में बहा रहा है।
अपशिष्ट प्रबंधन नियम (Solid Waste Management Rules): नियमों के मुताबिक,किसी भी व्यावसायिक संस्थान (होटल/रेस्टोरेंट) को अपने गीले और सूखे कचरे का निस्तारण स्वयं या अधिकृत एजेंसी के माध्यम से करना अनिवार्य है। कचरे को सार्वजनिक नाली या सड़क पर फेंकना नगर पालिका अधिनियम के तहत भारी जुर्माने और लाइसेंस रद्दीकरण का आधार बन सकता है।
जमीनी हकीकत:कचरा डंप होने से नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं, जिससे पूरे शिक्षक नगर और अंबेडकर वार्ड में असहनीय दुर्गंध फैली हुई है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
नगर पालिका और जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
दिनेश सोनी,गिरीश सुथार,निधि परिहार,एम. एस.राजपूत,श्रीराज परिहार,मोहन सोनी सहित अन्य कॉलोनी वासियों का कहना है कि वे पहले भी कई बार संबंधित विभागों में लिखित शिकायत दे चुके हैं,लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।यही वजह है कि होटल व्यवसाई के हौसले बुलंद है और इससे ऐसा प्रतीत होता है कि होटल प्रबंधन को प्रशासन का कोई डर नहीं है।
कालोनीवासियों ने जिला प्रशासन से की मांग
कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर कालोनीवासियों ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि
होटल पर कोलाहल अधिनियम के तहत तत्काल जुर्माना लगाया जाए,स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर होटल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो,नालियों की सफाई कराकर होटल को भविष्य में अपशिष्ट न बहाने हेतु पाबंद किया जाए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है या फिर रसूखदार होटल प्रबंधन के आगे आम जनता की आवाज दबकर रह जाती है।



