मुंगेली/छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला कलेक्टोरेट कार्यालय में उस समय हलचल की स्थिति बन गई,जब कुछ व्यक्ति स्वयं को “जोहार पार्टी” के कार्यकर्ता बताते हुए जनगणना पोर्टल में छत्तीसगढ़ी भाषा को शामिल किए जाने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत करने पहुंचे।
बताया गया कि ये लोग कलेक्टर कार्यालय के वेटिंग एरिया में एकत्र हुए,जहां उन्होंने कार्यालयीन स्टाफ के साथ अमर्यादित एवं अनुचित व्यवहार किया। इसके बाद कलेक्टोरेट परिसर के बाहर अनर्गल नारेबाजी भी की गई,जिसे प्रशासन ने शासकीय कार्यप्रणाली एवं कार्यालयीन मर्यादा के विरुद्ध बताया है।
जिला प्रशासन के अनुसार कलेक्टर ने प्रस्तुत आवेदन को ध्यानपूर्वक पढ़ने और नियमानुसार उस पर विचार करने का आश्वासन दिया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवेदन को अस्वीकार करने या फेंकने जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
घटना के दौरान स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम अजय शतरंज,डिप्टी कलेक्टर मायानंद चंद्रा,तहसीलदार शेखर पटेल और एसडीओपी हरविंदर सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संबंधित व्यक्तियों से बातचीत की,उनका ज्ञापन स्वीकार किया और आवश्यक समझाइश देकर उन्हें वापस भेजा।
प्रशासन ने यह भी बताया कि घटना की सूचना थाना कोतवाली को दे दी गई है,ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस बीच कक्ष के बाहर कुछ व्यक्तियों द्वारा भ्रामक एवं असत्य जानकारी प्रसारित किए जाने की बात भी सामने आई है,जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
जिला प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि वह सभी नागरिकों और संगठनों के सुझावों एवं आवेदनों का सम्मान करता है और उन्हें नियमानुसार विचारार्थ स्वीकार करता है। साथ ही सभी से अपील की गई है कि शासकीय कार्यों के दौरान मर्यादित एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखें तथा अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचें।




