मुंगेली/शिक्षा के क्षेत्र में पिछले 28 वर्षों से निरंतर निष्ठा,समर्पण और नवाचार के साथ सेवाएं दे रहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला दशरंगपुर की व्याख्याता श्रीमती संगीता सिंह को बालोद के कला केंद्र में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। मुंगेली जिले से इस राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चयनित होने वाली वे एकमात्र शिक्षिका हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का सम्मान है बल्कि मुंगेली जिले के शिक्षा जगत के लिए भी गौरव का विषय है।
यह सम्मान ‘दर्शन बालोद/डेली बालोद न्यूज’ एवं ‘नोवेल टीचर्स क्रिएटिव फाउंडेशन (NTCF)’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में अतिथियों द्वारा श्रीमती संगीता सिंह को सम्मान-पत्र,स्मृति चिन्ह एवं मोमेंटो भेंट कर उनकी दीर्घकालीन शिक्षा सेवा एवं नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
‘करके सीखने’ की पद्धति से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास
श्रीमती संगीता सिंह का शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहा है। वे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ ‘करके सीखने’ (Experiential Learning) की पद्धति से जोड़ने पर विशेष जोर देती हैं। उनका मानना है कि जब विद्यार्थी किसी विषय को स्वयं गतिविधि के माध्यम से समझते हैं तो वह ज्ञान अधिक प्रभावी एवं स्थायी बनता है।
इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यालय में ‘कबाड़ से जुगाड़’,मास्क निर्माण,मेहंदी,चित्रकला,रंगोली,पोस्टर मेकिंग सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया। विद्यार्थियों को धान के झालर,मिट्टी से कलाकृति निर्माण तथा अन्य स्थानीय कला एवं संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल किया गया। इन प्रयासों से विद्यार्थियों की रचनात्मकता,आत्मविश्वास एवं बहुमुखी प्रतिभा को विकसित करने का निरंतर प्रयास किया गया।
शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विकास पर भी विशेष ध्यान
श्रीमती सिंह विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित करती रही हैं। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देकर उन्होंने उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया। उनका प्रयास रहा है कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ अपनी कला,संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति से भी जुड़े रहें।
कोरोना काल में भी जारी रखा शिक्षा का सफर
कोरोना संक्रमण के चुनौतीपूर्ण दौर में जब नियमित विद्यालय संचालन प्रभावित हुआ,तब भी श्रीमती संगीता सिंह ने बच्चों की शिक्षा को बाधित नहीं होने दिया। उन्होंने मोहल्ला कक्षा,ऑनलाइन शिक्षा एवं खेल-खेल में शिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़े रखा। विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के उनके प्रयासों को उनके समर्पित शिक्षकीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
मास्टर ट्रेनर एवं DRG के रूप में शिक्षकों का भी किया मार्गदर्शन
श्रीमती संगीता सिंह ने विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक समुदाय के कौशल विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मास्टर ट्रेनर एवं DRG के रूप में उन्होंने D.Ed. ब्लूप्रिंट निर्माण,स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के शिक्षकों के कौशल विकास तथा डाइट पेंड्रा सहित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के साथ ही बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने का प्रयास किया।
मुंगेली जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
राज्य स्तरीय ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित होने पर मुंगेली जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। श्रीमती संगीता सिंह की 28 वर्षों की सेवा, नवाचारी शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयास और शिक्षकों के प्रशिक्षण में योगदान को इस सम्मान के माध्यम से विशेष पहचान मिली है।
उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, शिक्षक समुदाय, शिक्षाविदों, शुभचिंतकों एवं परिजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। श्रीमती संगीता सिंह का यह सम्मान मुंगेली जिले के लिए भी गौरव का विषय बन गया है।



