मुंगेली/नगर के दाऊपारा क्षेत्र में बुधवार देर रात 26 अगस्त को उस समय हड़कंप मच गया,जब दुबे मोबाइल पाइंट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान में रखे मोबाइल फोन सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों में भी दहशत का माहौल निर्मित हो गया। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए तत्काल प्रशासन को सूचना दी। वही सूचना देने के बाद भी फायर ब्रिगेड के नहीं पहुंचने पर दुकान संचालक के द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने में जुट गए और आग पर काबू पाने का लगातार प्रयास जारी रहा
फायर ब्रिगेड के पहुंचने में देरी पर लोगों में नाराजगी
घटना के बाद एक बार फिर मुंगेली में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों एवं दुकान संचालक की ओर से प्रशासन को सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड के घटनास्थल तक पहुंचने में काफी समय लगने की बात सामने आई है। लोगों का कहना है कि यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाता तो आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करने की संभावना थी।
दुकान में आग तेजी से फैलने के कारण देखते ही देखते पूरा प्रतिष्ठान आग की चपेट में आ गया। मोबाइल फोन,मोबाइल एसेसरीज,इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं अन्य सामान जलने से दुकान संचालक को भारी आर्थिक क्षति होने का अनुमान है।
SDM अजय शतरंज और CMO होरी सिंह ठाकुर ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही मुंगेली SDM अजय शतरंज तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आग की स्थिति तथा आसपास के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं संबंधित अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसी तरह नगर पालिका CMO होरी सिंह ठाकुर भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। प्रशासनिक एवं पुलिस टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए आग को आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकने के लिए आवश्यक प्रयास किए।
SDM अजय शतरंज और CMO होरी सिंह ठाकुर की मौजूदगी में प्रशासनिक अमले ने स्थिति को नियंत्रित करने तथा आसपास के क्षेत्र में किसी तरह की अतिरिक्त क्षति न हो,इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता के चलते आसपास के अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से बचाया जा सका।
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला पहुंचे मौके पर,फायर ब्रिगेड व्यवस्था को लेकर जताई नाराजगी
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटना की स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रोहित शुक्ला ने नगर में लगातार सामने आ रही आग लगने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए फायर ब्रिगेड की तैनाती और उसके घटनास्थल तक पहुंचने की व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुंगेली जैसे शहर में आपातकालीन परिस्थितियों में दमकल वाहन की त्वरित उपलब्धता बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में फायर ब्रिगेड वाहन नगर के सिटी कोतवाली थाना परिसर में खड़ा रहता था,जिससे नगर के किसी भी हिस्से में आग लगने की घटना होने पर दमकल वाहन अपेक्षाकृत कम समय में घटनास्थल तक पहुंच सकता था। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में फायर ब्रिगेड को ग्राम लालाकापा स्थित होमगार्ड मुख्यालय में रखा जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष के अनुसार,इस व्यवस्था के कारण शहर में आग लगने की स्थिति में घटनास्थल तक पहुंचने में अनावश्यक समय लगता है।
पूर्व में भी जिला प्रशासन को लिखा था पत्र
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने कहाकि फायर ब्रिगेड को पूर्व की तरह नगर में रखने की व्यवस्था को लेकर उनके द्वारा पहले भी जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया था,ताकि आपात स्थिति में दमकल वाहन तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण विषय को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया।
दाऊपारा की घटना के बाद उन्होंने एक बार फिर इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखने की बात कही। उन्होंने कहाकि आग लगने की घटना में कुछ मिनट भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और दमकल वाहन की देरी से पहुंचने पर छोटी आग भी बड़े नुकसान में तब्दील हो सकती है।
आग लगने के कारण और नुकसान का आकलन जांच के बाद होगा
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है,लेकिन आग लगने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसी तरह दुकान में जले मोबाइल फोन,इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान से हुए कुल आर्थिक नुकसान का आकलन भी संबंधित पक्ष द्वारा किया जा रहा है।
पूर्व में भी हो चुकी है आग लगने की बड़ी घटनाएं
नगर में आग लगने की ये कोई पहली घटना नहीं है पूर्व में भी इसी तरह की बड़ी घटनाएं हो चुकी है,लेकिन बावजूद इसके जिला प्रशासन ने इन घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया, गौरतलब हो कि नगर के मल्हापारा स्थित पूनम जनरल स्टोर और पड़ाव चौक के पास स्थित गुरुकृपा मोबाइल दुकान में भी भीषण आग लगने की घटना घटित हो चुकी है उस दौरान भी फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने के चलते आग पर काबू पाने में भारी मसक्कत करनी पड़ी थी जिसके कारण दुकान संचालकों को लाखों रुपयों का आर्थिक नुकसान हुआ था,इन घटनाओं ने जिला प्रशासन की कार्यशैली और फायर ब्रिगेड की उपलब्धता पर सवालिया निशान जरूर लग गया
वही दाऊपारा की इस घटना ने एक बार फिर मुंगेली शहर में आपातकालीन अग्निशमन व्यवस्था,दमकल वाहन की तैनाती और त्वरित रिस्पांस सिस्टम को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन इस घटना के बाद फायर ब्रिगेड की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर शहर में दमकल की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।



