मुंगेली/आमजनों की समस्याओं,मांगों और शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा शासन-प्रशासन तक उनकी सहज पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले कलेक्टर जनदर्शन के समय में बदलाव किया गया है। अब जिला कलेक्टोरेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाला कलेक्टर जनदर्शन दोपहर 12 बजे के स्थान पर दोपहर 2 बजे से शुरू होगा। नवपदस्थ कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जनदर्शन के समय में यह परिवर्तन किया गया है।
नए समय के अनुसार अब जिले के नागरिक प्रत्येक मंगलवार दोपहर 2 बजे जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी समस्याओं,मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन सीधे जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समस्याओं के निराकरण के लिए सीधा मंच
कलेक्टर जनदर्शन आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। राजस्व,पंचायत,नगरीय प्रशासन,शिक्षा,स्वास्थ्य,सड़क,बिजली,पानी,राशन,सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों में लोग अपनी शिकायतें और मांगें प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्रशासन का उद्देश्य है कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लिया जाए और पात्र मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत उपलब्ध कराई जाए।
अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ लेते हुए उनका नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित विभागों द्वारा आवेदनों पर की गई कार्रवाई की प्रभावी निगरानी भी की जाए,ताकि नागरिकों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अब मंगलवार को 2 बजे पहुंचे आमजन
समय में बदलाव के बाद अब मुंगेली जिले के आम नागरिकों के लिए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रत्येक मंगलवार दोपहर 2 बजे से कलेक्टर जनदर्शन आयोजित होगा। नागरिक अपनी समस्या या मांग से संबंधित आवेदन और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी बात जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं।
समय में किए गए इस बदलाव से जनदर्शन की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने तथा आम नागरिकों को प्रशासन से सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।



