मुंगेली/नगर में कथित अवैध प्लॉटिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वार्ड क्रमांक 13 अंबेडकर वार्ड स्थित पंडरिया रोड के स्वर्ण वाटिका क्षेत्र में प्लॉटिंग को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। एसडीएम मायानंद चंद्रा के नेतृत्व में संबंधित अधिकारियों एवं नगर पालिका की टीम ने क्षेत्र का जायजा लिया और शिकायतकर्ता सहित संबंधित लोगों से मामले की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह परिहार का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग का मामला चल रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत की गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि भूमि से संबंधित दस्तावेजों,स्वीकृतियों और राजस्व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई शिकायत
शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह परिहार के अनुसार,उन्होंने 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में स्वर्ण वाटिका क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग की जांच कराने, भूमि संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने और नियमों के विपरीत प्लॉटिंग पर रोक लगाने की मांग की गई है। शिकायत का टोकन नंबर डब्ल्यूपी 261000218148 बताया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार,शिकायत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से संबंधित दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के समर्थन में कुछ दस्तावेज और तस्वीरें भी संलग्न किए हैं। उनका कहना है कि केवल मौखिक जानकारी के आधार पर नहीं,बल्कि संबंधित भूमि के दस्तावेजों,स्वीकृत लेआउट,विकास संबंधी अनुमतियों और अन्य आवश्यक अभिलेखों के आधार पर जांच की जानी चाहिए,ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद एसडीएम मायानंद चंद्रा सहित संबंधित अधिकारियों की टीम स्वर्ण वाटिका क्षेत्र पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। इस दौरान संबंधित लोगों से भी पूछताछ की गई। निरीक्षण का उद्देश्य शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की पड़ताल करना और भूमि संबंधी नियमों के पालन की स्थिति का पता लगाना बताया गया है।
हालांकि,निरीक्षण के बाद अभी तक कथित अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि अथवा किसी जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह परिहार ने कहाकि
शिकायतकर्ता सत्येंद्र सिंह परिहार ने कहा कि स्वर्ण वाटिका क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस संबंध में पहले भी अधिकारियों से शिकायत की गई थी,लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आवेदन देना पड़ा। उन्होंने मांग की कि भूमि के दस्तावेजों,प्लॉटिंग की अनुमति और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों की जांच की जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और नियमों के विपरीत प्लॉटिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए।
एसडीएम मायानंद चंद्रा ने कहाकि
एसडीएम मायानंद चंद्रा के अनुसार,अवैध प्लॉटिंग की शिकायत के संबंध में पंडरिया रोड स्थित स्वर्ण वाटिका क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता एवं संबंधित लोगों से जानकारी ली गई। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
जांच के निष्कर्षों पर टिकी निगाहें
नगर में भूमि की खरीद-बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। कथित अवैध प्लॉटिंग के मामलों में भूमि के स्वामित्व,लेआउट की स्वीकृति,विकास अनुमति तथा संबंधित विभागों के अभिलेखों की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। स्वर्ण वाटिका मामले में भी अब लोगों की निगाहें प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
फिलहाल,शिकायत के आधार पर निरीक्षण किया गया है,लेकिन कथित अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि जांच के बाद ही मानी जा सकेगी। यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है,तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।



