मुंगेली/प्रदेशभर के नगरीय निकाय कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के निराकरण को लेकर अब चरणबद्ध आंदोलन का आगाज कर दिया है। नव नियुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले प्रदेश के नगरीय निकाय कर्मचारियों द्वारा 18 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। इसी कड़ी में 28 सितंबर को प्रदेश के पांचों संभागों के साथ जिला स्तर पर भी नगरीय निकाय कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव,उपमुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री अरुण साव तथा मुख्य सचिव,छत्तीसगढ़ शासन के नाम जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो को ज्ञापन सौंपा।
जिले के विभिन्न नगरीय निकायों से बड़ी संख्या में कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन के समक्ष आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें शासन स्तर पर लंबित हैं, जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक एवं प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने शासन से मांगों का समयबद्ध तरीके से निराकरण करते हुए कर्मचारियों को उनका अधिकार एवं सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है।
हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान की मांग
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से वेतन भुगतान किया जाना शामिल है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने, एनपीएस एवं जीपीएस की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा करने, नया सेटअप तैयार करने, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करने तथा लंबित एरियर्स की राशि का भुगतान करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है।
उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारी लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से विभिन्न सुविधाओं एवं सेवा संबंधी मांगों का निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है। संघ का कहना है कि शासन को कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए।
संविदा एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों के नियमितीकरण की भी मांग
संघ द्वारा नए पदों पर सीधी भर्ती पर रोक लगाने तथा नगरीय निकायों में लंबे समय से कार्यरत संविदा एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग भी की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा एवं प्लेसमेंट कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा एवं नियमितीकरण का लाभ मिलना चाहिए।
इसके अलावा एलएसजीडी एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नगरीय निकायों में आयुक्त पद पर नियुक्त किए जाने सहित अन्य सेवा संबंधी मांगों को भी 18 सूत्रीय मांगों में शामिल किया गया है।
चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
जिला अध्यक्ष देवेंद्र देवांगन ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर को प्रदेशभर के नगरीय निकाय कर्मचारी काली पट्टी लगाकर अपने कार्यों का निष्पादन करेंगे। इसके माध्यम से कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करेंगे।
इसके बाद 9 अक्टूबर को नया रायपुर स्थित तूता में एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा। इस धरने में प्रदेशभर के नगरीय निकाय कर्मचारी शामिल होकर अपनी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग करेंगे।
समयबद्ध निराकरण की शासन से अपेक्षा
नगरीय निकाय कर्मचारियों ने शासन से मांग की है कि उनकी 18 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनका समयबद्ध एवं उचित निराकरण किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे नगरीय निकायों की विभिन्न व्यवस्थाओं और जनसेवा से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान मुकेश तिवारी,विद्यानंद यादव,खिलेश्वर दीक्षित,देवेंद्र देवांगन,कोमल भास्कर,हिमांशु ब्रम्हभट्ट,विकास ठाकुर,अमित सोनी,यवन जोशी,गौरव गुप्ता,अरविंद मिश्रा,विकास साहू सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में नगरीय निकाय कर्मचारी एवं संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



