मुंगेली/जिले की सड़कों पर बेतरतीब ढंग से रखी गई निर्माण सामग्री और दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और जाम पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सड़क किनारे निर्माण सामग्री और दुकानों के सामने समान रखकर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
संयुक्त टीम का गठन:’एक्शन मोड’ में प्रशासन
कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा जारी आदेश के तहत जिले के सभी विकासखंडों में एक विशेष संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इस समिति की संरचना इस प्रकार है:
अध्यक्ष:अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व – SDM)
सदस्य:अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस),तहसीलदार,मुख्य नगरपालिका अधिकारी और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)।
यह टीम पूरे जिले का सघन निरीक्षण करेगी और सड़कों के किनारे अवैध रूप से डंप की गई रेत,गिट्टी,ईंट,सरिया और दुकानों के सामने रखे अन्य निर्माण सामग्रियों को जब्त करने या हटवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रशासनिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मुख्य मार्गों पर निर्माण सामग्री और दुकानदारों द्वारा फैलाए गए सामान से न केवल यातायात बाधित होता है,बल्कि धूल और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ती है। सबसे गंभीर चिंता बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं हैं, जिन्हें रोकने के लिए कलेक्टर ने इस अभियान को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ पर रखने के निर्देश दिए हैं।
नियम तोड़ने वालों पर दर्ज होंगे प्रकरण
समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वे केवल सामग्री हटाने तक सीमित न रहें,बल्कि बार-बार उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और दुकानदारों के विरुद्ध विधिवत प्रकरण भी दर्ज करें। सार्वजनिक मार्गों को घेरने वाले दुकानदारों को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपनी सीमा के भीतर ही व्यापार करें।
जनता ने किया निर्णय का स्वागत
कलेक्टर कुंदन कुमार के इस निर्णय से मुंगेली के नागरिकों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
“सड़कों पर सामान बिखरा होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस अभियान से न केवल जाम से मुक्ति मिलेगी,बल्कि शहर की सड़कें चौड़ी और सुंदर भी दिखाई देंगी।”
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि संयुक्त टीम धरातल पर इस अभियान की शुरुआत कब से करती है और लापरवाह लोगों पर इसका कितना असर होता है।



