मुंगेली/नगर के पेंडाराकापा स्थित यादव समाज भवन में सर्व यादव समाज जिला मुंगेली की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीराम और यदुकुल शिरोमणि भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। समाज के पदाधिकारियों एवं उपस्थित सदस्यों ने इस टिप्पणी को आस्था और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में यादव समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि हम हिंदू हैं,सनातनी हैं और हिंदू समाज की एकता में विश्वास रखते हैं। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा,सम्मान और आस्था है। दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं,जिन्होंने अलग-अलग युगों में अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार अपनी दिव्य लीलाओं और कार्यों के माध्यम से धर्म एवं समाज को नई दिशा दी। भगवान श्रीराम ने धनुष धारण किया तो भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र धारण कर अधर्म के विरुद्ध धर्म की स्थापना का संदेश दिया। दोनों के स्वरूप,कार्य और लीलाएं भले ही अलग हों,लेकिन दोनों की महिमा और महत्व समान रूप से पूजनीय हैं।
समाज के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा कथा के दौरान बार-बार भगवान श्रीराम को ‘मेरा वाला’ और भगवान श्रीकृष्ण को ‘तुम्हारा वाला’ कहकर संबोधित करना तथा दोनों की तुलना करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति हीनभावना प्रदर्शित करने वाली बातें कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे यादव समाज सहित भगवान श्रीकृष्ण में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल यादव समाज के आराध्य नहीं,बल्कि संपूर्ण सनातन समाज के पूजनीय हैं। ऐसे में किसी भी संत या कथावाचक को धार्मिक मंच से ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए,जिससे समाज के बीच विभाजन या किसी आराध्य के प्रति अपमान का भाव उत्पन्न हो।
उपाध्यक्ष पांच राज यादव महासमिति ने जताई नाराजगी
इस संबंध में यादव महासमिति मुंगेली के उपाध्यक्ष संजय यादव ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों हमारे आराध्य हैं। दोनों भगवान विष्णु के अवतार हैं और सनातन धर्म में दोनों का अपना विशिष्ट स्थान है। किसी एक भगवान को श्रेष्ठ बताने के लिए दूसरे भगवान के प्रति हीनभावना प्रदर्शित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री जैसे धार्मिक मंचों से जुड़े व्यक्तित्व को अपनी वाणी और शब्दों की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति इस तरह की टिप्पणी से यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यादव समाज भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। हमारी मांग है कि धीरेंद्र शास्त्री सार्वजनिक रूप से अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगें और वृंदावन स्थित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर में पहुंचकर अपनी गलती स्वीकार करते हुए क्षमा याचना करें।
माफी नहीं मांगने पर पुतला दहन की चेतावनी
बैठक में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित कर धीरेंद्र शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि वे अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हुए माफी नहीं मांगते हैं तो आने वाले समय में सर्व यादव समाज द्वारा उनका पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में समाज ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी धर्म या समाज के विरुद्ध नहीं,बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में है। यादव समाज सनातन धर्म की एकता और सभी देवी-देवताओं के प्रति समान श्रद्धा एवं सम्मान की भावना में विश्वास रखता है।
इस अवसर पर सर्व यादव समाज जिला मुंगेली के जिलाध्यक्ष नरेश यादव,महासचिव मनोहर यादव,कार्यकारी अध्यक्ष धनीराम यादव,सभापति एवं पार्षद सूरज यादव,नगर अध्यक्ष मुंगेली विजय यादव,शिव यादव मुंगेली,विजय यादव गैलुगांव,कृष्ण यादव,मोहित यादव,दीवान अमर यादव,यशपाल यादव,सतीश यादव,मोहित यादव,दिलीप यादव,रामजी सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।



