मुंगेली/जिला मुख्यालय मुंगेली और इसके आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ‘भगवान भरोसे’ चल रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच हो रही लगातार अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि दिन हो या रात,किसी भी समय घंटों के लिए बिजली गुल कर दी जाती है। इस अव्यवस्था से आक्रोशित आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से निरंकुश हो चुके हैं,जिन्हें जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
उपभोक्ताओं की समस्याओं को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं अधिकारी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली बंद होने पर जब विभाग को शिकायत की जाती है,तो उस पर घंटों कोई सुनवाई नहीं होती। अधिकारियों का रवैया इतना उदासीन है कि वे उपभोक्ताओं की समस्याओं को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं। नगरवासियों ने बताया कि मेंटेनेंस के नाम पर किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद रखना आम बात हो गई है। जब भी इस संबंध में विभाग के दफ्तर या कर्मचारियों से पूछताछ की जाती है,तो उनके पास “काम चल रहा है” का एक रटा-रटाया जवाब तैयार रहता है।
रात 9 बजे के बाद जानबूझकर बिजी कर दिया जाता है फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर
आम जनता ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहाकि पूरे क्षेत्र की बिजली समस्याओं को दर्ज करने के लिए फ्यूज कॉल सेंटर का मात्र एक ही नंबर जारी किया गया है। व्यस्त समय में इस इकलौते नंबर पर संपर्क करना वैसे ही चुनौती होता है,लेकिन हद तो तब हो जाती है जब रात 9 बजे के बाद इस नंबर को जानबूझकर ‘बिजी’ कर दिया जाता है,ताकि उपभोक्ताओं को परेशानियां दर्ज कराने का मौका ही न मिले। रात में बिजली गुल होने की स्थिति में लोग अंधेरे और उमस में तड़पने को मजबूर हैं,लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
“मैं जिले का बड़ा अधिकारी हूँ,छोटे काम मेरे नहीं…”
बिजली संकट की इस गंभीर स्थिति के बीच जब कुछ जागरूक नागरिकों और उपभोक्ताओं ने विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया गया,तो साहब का जवाब बेहद चौंकाने वाला था। वरिष्ठ अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा:”मैं बिजली की छोटी-मोटी समस्याओं को दूर करने के लिए नहीं हूँ। मैं जिले का बड़ा अधिकारी हूँ और बड़े-बड़े कार्यों के लिए हूँ।”
जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना और अहंकारपूर्ण जवाब सुनने के बाद अब मुंगेली की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। लोगों का कहना है कि जब बड़े अधिकारी ही जनता की तकलीफों को छोटा समझकर टाल देंगे,तो फिर आम आदमी अपनी समस्या लेकर कहाँ जाएगा?
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग,नहीं तो किया जाएगा उग्र आंदोलन
आने वाले दिनों में बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि अभी से बिजली व्यवस्था का यह हाल है तो बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। बिजली की इस आँख-मिचौली से त्रस्त मुंगेली की आम जनता ने अब जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
नागरिकों ने कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला प्रशासन से मांग की है कि निरंकुश हो चुके बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली की जांच की जाए,फ्यूज कॉल सेंटर की व्यवस्था में सुधार हो और नगर में सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अधिकारियों के रवैये में बदलाव नहीं आया,तो आम जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



