मुंगेली/जिला मुख्यालय से कुछ दूर स्थित झगड़हटा के प्रसिद्ध श्री रसिक बिहारी मंदिर में भक्ति और आस्था के प्रतीक हरियाली तीज झूला उत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से सराबोर यह पावन झूला उत्सव रक्षाबंधन तक प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को ठाकुर श्री रसिक वल्लभ लाल जी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
समय एवं आयोजन विवरण
झूला दर्शन का समय:प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे से 9:30 बजे तक (तत्पश्चात विश्राम)
समापन:रक्षाबंधन पर्व तक निरंतर आयोजन
स्थान:ग्राम झगड़हटा स्थित श्री रसिक बिहारी मंदिर,मुंगेली
50 वर्षों से प्रज्वलित है परिहार परिवार की सेवा ज्योति
श्री रसिक वल्लभ लाल जी की मूर्ति स्थापना की कहानी लगभग 50 वर्ष पुरानी है। इस पावन स्थल पर भगवान श्री रसिक वल्लभ लाल जी की स्थापना स्वर्गीय रंगो सिंह परिहार के द्वारा की गई थी। स्थापना के बाद से ही परिहार परिवार इस मंदिर और ठाकुर जी की सेवा पूरे निष्ठा भाव से करता आ रहा है।
वर्तमान में परिहार परिवार ट्रस्ट के मार्गदर्शन में परिवार की हर पीढ़ी इस धार्मिक अनुष्ठान को बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ आगे बढ़ा रही है।
ट्रस्ट एवं सेवा समिति का विशेष योगदान
उत्सव को सुचारू और भव्य रूप देने में परिहार परिवार ट्रस्ट के अध्यक्ष राधाचरण सिंह सहित समिति के सभी प्रमुख सदस्यों एवं महिलाओं का विशेष योगदान रहता है
ट्रस्ट अध्यक्ष राधाचरण सिंह
प्रमुख समिति सदस्य शिव प्रताप सिंह,हिरदेश सिंह,गोकुलेश सिंह,बसंत सिंह,श्रीधर सिंह,हेमंत सिंह,शुभम सिंह,आकाश सिंह,कान्हा सिंह,बृजभूषण सिंह,गौरांग सिंह,बृजेंद्र सिंह
महिला मंडल:परिहार परिवार की महिला सदस्य भी ठाकुर जी के श्रृंगार,झूला सेवा और भोजन-प्रसाद की व्यवस्था में तत्परता से अपनी सेवाएँ दे रही हैं।
हरियाली तीज के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। प्रतिदिन शाम होते ही भगवान श्री रसिक वल्लभ लाल जी को मनमोहक झूले पर विराजमान कराकर भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया जा रहा है। मुंगेली व आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु इस दिव्य झूला उत्सव का आनंद लेने और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुँच रहे हैं।



