मुंगेली/बी. आर. साव स्मृति समन्वय कला संगीत महाविद्यालय,मुंगेली में रविवार को गुरु पूर्णिमा,स्वर संवाद एवं दीक्षांत समारोह का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास,श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की अनुपम छटा देखने को मिली। संगीत,नृत्य एवं वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ सत्र 2025-26 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का सम्मान एवं अंकसूची वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के मानद संरक्षक एवं नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित पी.सी. दिव्य,संजीव गुप्ता,अमिताभ वैष्णव,जेठमल कोट्टड़िया,प्रवीण वैष्णव,दिनेश सोनी,रामकिंकर परिहार,देवशंकर श्रीवास्तव एवं अजय ताम्रकार उपस्थित रहे। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
इसके पश्चात गुरु पूजन का आयोजन हुआ,जिसमें रविशंकर शर्मा,सतानंद यादव,इंद्र दास महंत,प्रवीण साधु,गोविंद मक्कड़,रमेश साकत एवं अविनाश राम का उनके विद्यार्थियों द्वारा विधिवत पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। गुरु-शिष्य परंपरा के इस भावपूर्ण आयोजन ने सभी उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया।
गुरु पूजन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ कत्थक विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना से हुआ। प्रकृति गुप्ता,वेदिका गुप्ता,अवरनी गुप्ता,रितीशा अग्रवाल एवं आराध्या विश्वकर्मा ने अपनी मनोहारी प्रस्तुति से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
संगीत प्रस्तुतियों की श्रृंखला में सालुम मशीह ने बैंजो पर अलंकार एवं गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं ड्रम वादन की प्रभावशाली प्रस्तुति आदित्य वैष्णव, धैर्य वैष्णव एवं निश्मन मक्कड़ ने दी। तबला वादन में भूपेंद्र साहू एवं लेखन दास मानिकपुरी ने अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया,जिसमें सत्र 2025-26 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों अंकसूचियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए निरंतर अध्ययन,अनुशासन एवं कला साधना के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण खैरागढ़ से पधारे अतिथि कलाकार ऋषि कश्यप का मधुर गायन रहा। उनके सुमधुर गीतों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गायन में तबले पर गोविंद मक्कड़ ने प्रभावशाली संगत प्रदान की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्था की ओर से ऋषि कश्यप को शाल,श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नीलकंठ तिवारी,शिवकुमार राजपूत,सुरेश देवांगन,मोहम्मद इरफान,आशीष सोनी,मुरारी वैष्णव एवं सतपाल मक्कड़ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी,अभिभावक एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में गुरु के प्रति श्रद्धा,भारतीय संस्कृति की गरिमा तथा संगीत एवं कला के प्रति समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।



