मुंगेली/अपर सत्र न्यायाधीश मुंगेली पीठासीन अधिकारी राकेश सोम की अदालत ने चौकी खुड़िया थाना लोरमी के चर्चित हत्या व दुष्कर्म प्रकरण में आरोपी कलीराम मरकाम (42 वर्ष) पिता मिलापराम, निवासी टिकरी बेलपान थाना तखतपुर,जिला बिलासपुर को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 376 (दुष्कर्म) एवं 201 (साक्ष्य विलोपन) के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹2500 अर्थदंड से दंडित किया है।
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार,आरोपी कलीराम मरकाम ने चौकी खुड़िया थाना लोरमी की सीमा अंतर्गत एक ग्राम में मृतका के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद घटना को छिपाने के उद्देश्य से उसने मृतका के सिर पर पत्थर से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इतना ही नहीं,आरोपी ने अपराध में प्रयुक्त पत्थर,मृतका के कपड़े,जूते व बैग को भी छिपा दिया और शव को पहाड़ में फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
गवाहों के आधार पर हुआ दोष सिद्ध
अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 21 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के बयानों से यह प्रमाणित हुआ कि अपराधी कलीराम मरकाम ही घटना का जिम्मेदार है। अदालत ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषसिद्ध कर कड़ी सजा सुनाई।
मृतका के परिवार को क्षतिपूर्ति
न्यायालय ने मृतका के परिजनों को क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने का आदेश भी जारी किया है। इस राशि का निर्धारण विधिक सेवा प्राधिकरण मुंगेली द्वारा किया जाएगा।
अभियोजन की भूमिका
सरकार की ओर से इस प्रकरण की पैरवी लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने की। उनके तर्कों और गवाहों के सशक्त प्रस्तुतिकरण के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
तीसरा बड़ा फैसला
गौरतलब है कि एक माह में यह लगातार तीसरी बार है जब न्यायालय ने गंभीर अपराधों के आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। इस फैसले से क्षेत्र में कानून का भय व्याप्त होगा और अपराधों में कमी आने की संभावना है।



