मुंगेली/जिले में शहीद एवं स्वर्गीय पुलिस कर्मियों की पावन स्मृति में पुलिस परिवार द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जिलेवासी,पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और सामाजिक जन शामिल हो रहे हैं।
इस अवसर पर लोरमी क्षेत्र के कोसाबाड़ी गाँव की मासूम लाली की माँ भी कथा में शामिल हुईं। कथा स्थल पर पहुँचते ही वे भावुक हो गईं और उनकी आँखों से आँसू छलक पड़े। उन्होंने मुंगेली एसपी भोजराम पटेल के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा –
“मेरी बेटी को मोक्ष दिला दिए सर, आप धन्य है। आपके जैसे बेटा भगवान सबको दे। आज के समय में कोई इतना ख़ुद के लिए नहीं सोचता, पर आपने मेरी बेटी को न्याय दिलाया और उसकी आत्मा को शांति दिलाने के लिए भागवत कथा का आयोजन कराया। हम और हमारा परिवार आपके हमेशा ऋणी हैं।”

ग़ौरतलब है कि सात साल की मासूम लाली अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से मामला दर्ज कर पातासाजी शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर मासूम की बलि देकर निर्मम हत्या की गई थी। इस जघन्य अपराध का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसपी भोजराम पटेल ने घटना के बाद न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया,बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और अंधविश्वास के खिलाफ भी एक सख्त संदेश दिया। शहीद पुलिसकर्मियों और वीरगति को प्राप्त आत्माओं की शांति के लिए कराई जा रही यह श्रीमद्भागवत कथा पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

आयोजन स्थल पर पहुँचे लोगों ने भी माना कि इस तरह का आध्यात्मिक कार्यक्रम न केवल दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए महत्वपूर्ण है,बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला भी है।



