मुंगेली/नगर और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है। मुंगेली बिजली विभाग में फ्यूज कॉल का टेंडर समाप्त हो चुका है और नया टेंडर अभी तक जारी नहीं हुआ है। इसके चलते कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर दिया है। स्थिति यह हो गई है कि पूरे शहर के उपभोक्ताओं को बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। ठेकेदार के माध्यम से काम कर रहे इन कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बकाया वेतन के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और मजबूरी में काम बंद करना पड़ा है।
इतना ही नहीं,विद्युत विभाग मेंटेनेंस कार्य के लिए जो वाहन उपयोग करता है,उसका भुगतान भी पिछले 11 महीने से लंबित है। बिल पास न होने की वजह से वाहन मालिक ने गाड़ी बंद कर दी है। परिणामस्वरूप किसी भी तरह की बिजली खराबी की स्थिति में न तो कर्मचारी मौके पर पहुंच पा रहे हैं और न ही मरम्मत का कार्य हो रहा है।
उपभोक्ता एवं शहरवासी परेशान
नगरवासियों का कहना है कि रोजाना ट्रिपिंग और फ्यूज उड़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं,लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं मिल रहा। नागरिकों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं।
जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारी
विद्युत विभाग के पदस्थ अधिकारी इस गंभीर स्थिति में भी कोई ठोस कदम उठाने के बजाय जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर और दफ्तर में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन मौके पर न तो कर्मचारी भेजे जा रहे हैं और न ही मरम्मत का कार्य हो रहा है।
आम जनता ने जताई नाराजगी
इस अव्यवस्था से नगरवासी बेहद नाराज हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और भुगतान में देरी के कारण पूरे शहर को अंधेरे में धकेल दिया गया है। लोगों ने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।



