मुंगेली। शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूती देने और आम नागरिकों के बीच विश्वास कायम करने वाले कोतवाली प्रभारी गिरजा शंकर यादव का हाल ही में अल्प समय में हुआ तबादला नगरवासियों के लिए एक बड़े सदमे के रूप में सामने आया है।
गिरजा शंकर यादव अपने कार्यकाल के दौरान न केवल अपराध नियंत्रण में सफल रहे, बल्कि आम लोगों की समस्याओं को भी तत्परता से सुनकर उसका समाधान करते रहे। उनकी छवि एक सख़्त लेकिन जनहितैषी अधिकारी की रही है। शहर में गश्त व्यवस्था को मजबूत करने,असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने जैसे कई कार्यों से उन्होंने लोगों का दिल जीता।
नगर के प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों का कहना है कि यादव की कार्यशैली ने पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम किया था। उनके नेतृत्व में लोगों को बिना किसी डर या झिझक के थाना पहुंचकर अपनी समस्याएं रखने का भरोसा मिला।
लेकिन अचानक हुए उनके ट्रांसफर की खबर से नगर में निराशा का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह निर्णय जनभावनाओं के विपरीत है और इससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो सकते हैं। कई नागरिकों ने तो इसे “नगर के लिए कुठाराघात” बताया है।
नगरवासियों ने जिला पुलिस अधीक्षक भोजराज पटेल (एसपी) से अपील की है कि वे गिरजा शंकर यादव के तबादले के आदेश पर पुनर्विचार करें और तत्काल प्रभाव से इसे रद्द करें। लोगों का मानना है कि एक योग्य और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को शहर से हटाना जनता के हित में नहीं है।
स्थानीय लोगों की यह भी मांग है कि प्रशासन को ऐसे फैसले लेने से पहले जनता की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए, ताकि पुलिस और नागरिकों के बीच बनी विश्वास की डोर मज़बूत बनी रहे।



