फूहड़ और फिल्मी गानों पर रहेगी मनाही,रामगढ़ और सुरीघाट के तालाब में होगा प्रतिमाओं का विसर्जन;शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस-प्रशासन ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
मुंगेली/शारदीय नवरात्र पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से नगर के सिटी कोतवाली परिसर में पुलिस प्रशासन द्वारा शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्यों,जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान नवरात्र पर्व के आयोजन,दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन,झांकी,ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, यातायात व्यवस्था और विद्युत व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्यों को शासन-प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए धार्मिक आयोजन संपन्न कराने की हिदायत दी। साथ ही सभी से आपसी भाईचारा बनाए रखने और नवरात्र पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है,इसलिए समिति के सदस्य प्रशासन के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।
धार्मिक आस्था के अनुरूप हों आयोजन,किसी की भावना आहत न हो
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने कहा कि नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की उपासना,श्रद्धा और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ऐसे में दुर्गा उत्सव समितियों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उनके आयोजन से किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। पर्व की गरिमा बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए,ताकि नगर में सामाजिक सद्भाव और आपसी सौहार्द की परंपरा कायम रहे।
जनप्रतिनिधियों ने दुर्गा विसर्जन के दौरान निकलने वाली झांकियों में धार्मिक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की झांकी और विसर्जन के अवसर पर धुमाल पार्टी एवं डीजे के माध्यम से देवी-देवताओं से जुड़े धार्मिक भजनों का ही प्रसारण किया जाए। फिल्मी,अश्लील अथवा फूहड़ गाने बजाने से परहेज किया जाए। धार्मिक आयोजन में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहना चाहिए,जिससे पर्व की वास्तविक भावना और गरिमा बनी रहे।
21 अक्टूबर को होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
शांति समिति की बैठक में सर्वसम्मति से 21 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और झांकियों के आयोजन पर सहमति बनी। प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए रामगढ़ और सुरीघाट स्थित तालाबों को निर्धारित किया गया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही,सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस एवं प्रशासन को व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो और सभी समितियां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने कार्यक्रम संपन्न करें। इसके लिए समितियों और प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया,ताकि प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
यातायात और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर
नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र पर्व के दौरान नगर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने और विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होने को देखते हुए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने का सुझाव दिया गया। विशेष रूप से दुर्गा पंडालों,प्रमुख मार्गों और विसर्जन के दौरान झांकियों के आवागमन वाले रास्तों पर यातायात सुचारु बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।
इसके साथ ही पर्व के दौरान निर्बाध विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने और आवश्यक स्थानों पर बिजली संबंधी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने कहा कि समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं,जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और धार्मिक आयोजन सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।
बैठक में ये रहे उपस्थित
शांति समिति की बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला,एसडीओपी आशीष अरोरा,एसडीएम मायानंद चंद्रा,नगर पालिका के सीएमओ होरी सिंह ठाकुर,आत्मा सिंह क्षत्रिय,हेमेन्द्र गोस्वामी,सिटी कोतवाली प्रभारी कार्तिकेश्वर जांगड़े सहित दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्य,जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने नगरवासियों से अपील की कि नवरात्र एवं दुर्गा विसर्जन के दौरान धार्मिक मर्यादा,सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को सर्वोपरि रखें,ताकि मां दुर्गा का पर्व श्रद्धा,भक्ति और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।



