मुंगेली/शासन स्तर पर संचालित सेवा संकल्प अभियान एवं छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुंगेली जिले में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ गोकुल राम रावटे,अतिरिक्त कलेक्टर जे.एल. यादव एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में बुधवार को लाइवलीहुड कॉलेज जमकोर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल स्वयं उपस्थित हुए और लाइवलीहुड कॉलेज एवं आईटीआई कॉलेज जमकोर के कुल 383 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव,सुरक्षित डिजिटल व्यवहार,डेटा प्राइवेसी,सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
एसएसपी भोजराम पटेल ने कौशल विकास योजना एवं आईटीआई के माध्यम से रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूक और सतर्क रहना भी बेहद जरूरी है। थोड़ी सी असावधानी से व्यक्ति आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी भी साइबर अपराधियों के हाथों में पहुंचा सकता है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से विशेष रूप से तीन महत्वपूर्ण बातों को हमेशा ध्यान में रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने नाम पर जारी मोबाइल एवं सिम का ही उपयोग करें और उसे सुरक्षित रखें। बैंक खाता,एटीएम,यूपीआई,ओटीपी,पिन एवं अन्य बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसके साथ ही मोबाइल फोन में मजबूत पासवर्ड अथवा पिन का उपयोग करें तथा अपना मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
रोजगार के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी से भी किया सावधान
कार्यक्रम में अधिकारियों ने युवाओं को रोजगार के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के प्रति विशेष रूप से सावधान किया। रोजगार कार्यालयों,आईटीआई,कौशल विकास केंद्रों,श्रमिक सहायता केंद्रों,औद्योगिक क्षेत्रों एवं अन्य रोजगार आधारित केंद्रों में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को फर्जी नौकरी के विज्ञापन,ऑनलाइन जॉब ऑफर,फर्जी भर्ती एजेंसियों,रजिस्ट्रेशन एवं वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे की मांग तथा फिशिंग लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी के संबंध में जानकारी दी गई।
जिला पंचायत सीईओ गोकुल राम रावटे,अतिरिक्त कलेक्टर जे.एल. यादव,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला,एसडीएम अजय शतरंज एवं जनपद पंचायत सीईओ संतोष गोषले ने भी छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचने तथा रोजगार के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने के उपाय बताए।
साइबर जागृति अभियान ने बचाया ठगी का शिकार होने से, एसएसपी ने किया सम्मानित
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक पहलू ग्राम नवागांव चीनू निवासी सुधीर वर्मा का अनुभव रहा। उन्होंने छात्र-छात्राओं के बीच अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके घर डाक के माध्यम से लॉटरी में कार जीतने की सूचना भेजी गई थी। कार प्राप्त करने के नाम पर उनसे पैसे की मांग की जा रही थी।
सुधीर वर्मा ने बताया कि ग्राम में आयोजित साइबर जागृति अभियान के दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी मिली थी। इसी जागरूकता के कारण उन्होंने लॉटरी के नाम पर भेजी गई सूचना को संदिग्ध समझा और ठगों के झांसे में आने से स्वयं को बचा लिया।
उनकी जागरूकता और सतर्कता की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने सुधीर वर्मा को सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक रहना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल सत्यापन करना बेहद आवश्यक है।
अनजान लिंक पर क्लिक करने और पैसे भेजने से पहले करें सत्यापन
मुंगेली पुलिस ने छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी,पिन,पासवर्ड,बैंकिंग जानकारी अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने,संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने या ऑनलाइन नौकरी के नाम पर पैसे जमा करने से पहले संबंधित संस्था और ऑफर का पूरी तरह सत्यापन अवश्य करें।
कार्यक्रम में लाइवलीहुड कॉलेज जमकोर की सहायक परियोजना अधिकारी सुश्री निशी देवांगन,निरीक्षक एवं थाना प्रभारी सिटी कोतवाली मुंगेली कार्तिकेश्वर जांगड़े,उप निरीक्षक नवीन जांगड़े,नवनीत,सहायक उप निरीक्षक मधुकर रात्रे,श्रीमती बबीता श्रीवास,आरक्षक परमेश्वर जांगड़े सहित लाइवलीहुड कॉलेज एवं आईटीआई कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



