तैयारियों को लेकर जिला न्यायालय परिसर में जजों और अधिवक्ताओं की अहम बैठक,त्वरित न्याय के लिए बनाई गई विशेष रणनीति
मुंगेली/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA),नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SALSA),बिलासपुर के दिशा-निर्देशन में आगामी 18 जुलाई 2026 को मुंगेली जिले में ‘विशेष लोक अदालत’ का आयोजन होने जा रहा है। इस भव्य विधिक आयोजन की पूर्व तैयारियों को लेकर जिला न्यायालय परिसर,मुंगेली में एक महत्वपूर्ण और आवश्यक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य परक्राम्य लिखित अधिनियम (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों के त्वरित,सरल और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए एक ठोस और प्रभावी रणनीति तैयार करना था।
आपसी सहमति से विवादों का होगा स्थायी समाधान: जिला न्यायाधीश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी ने उपस्थित न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं को इस विशेष लोक अदालत के मूल उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने सभी हितधारकों से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
“चेक बाउंस से जुड़े सभी प्रकरण कानूनन राजीनामा योग्य होते हैं। विशेष लोक अदालत पक्षकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करती है जहाँ वे बिना किसी मानसिक या आर्थिक दबाव के, आपसी सहमति से अपने विवादों का हमेशा के लिए स्थायी समाधान पा सकते हैं।”
— श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशश्रीमती मेरावी ने चेक बाउंस से संबंधित मामलों के सभी पक्षकारों से अपील की है कि वे 18 जुलाई को आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सुलभ और किफायती बनाती है, बल्कि यह समयबद्ध तरीके से राहत पहुँचाकर न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को भी कम करती है। इससे पक्षकारों के समय और संसाधन दोनों की भारी बचत होती है।
बैठक में ये रहे मौजूद
रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित की गई इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से:
राकेश कुमार सोम (प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश)श्रीमती जसविंदर कौर अजमानी मलिक (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट)श्रीमती कंचन लता आचला (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण)दीपक कुमार शर्मा (द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश – वरिष्ठ श्रेणी)
सहित जिला न्यायालय के अन्य न्यायाधीशगण एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में इस विशेष लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों को सुलझाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने का संकल्प लिया।
क्यों खास है यह विशेष लोक अदालत?त्वरित और सरल न्याय:सालों से लंबित चेक बाउंस के मामलों का निपटारा महज एक दिन में आपसी रजामंदी से संभव होगा।
त्वरित और सरल न्याय:सालों से लंबित चेक बाउंस के मामलों का निपटारा महज एक दिन में आपसी रजामंदी से संभव होगा।
पैसे और समय की बचत:कोर्ट-कचहरी के चक्करों और वकीलों की लंबी फीस से पक्षकारों को मुक्ति मिलेगी।
कटुता का अंत:लोक अदालत में किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि आपसी समझौते से दोनों पक्षों के बीच सौहार्द बना रहता है।
अंतिम फैसला:लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कहीं अपील नहीं होती, जिससे मामला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुंगेली जिले के सभी संबंधित पक्षकारों से अनुरोध किया है कि यदि उनका कोई चेक बाउंस का मामला अदालत में लंबित है, तो वे तुरंत अपने अधिवक्ता से संपर्क कर इसे 18 जुलाई की विशेष लोक अदालत में रखवाएं और इस सुलभ न्यायिक प्रक्रिया का अधिकतम लाभ उठाएं।



