मुंगेली/प्रदेश सरकार द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाए गए सुशासन तिहार 2025’अभियान का सकारात्मक प्रभाव मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। नगर के हीरालाल वार्ड निवासी और सक्रिय नागरिक रविराज सिंह ठाकुर की पहल पर प्रशासन ने दाऊपारा के रामगढ़ रोड में सुलभ शौचालय का निर्माण पूर्ण कर लिया है। हालांकि, भवन तैयार होने के बावजूद अब तक इसके ताले नहीं खुले हैं, जिससे स्थानीय लोगों को इसके लाभ के लिए अभी और प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
गौरतलब है कि मुंगेली का दाऊपारा चौक एक बेहद व्यस्त इलाका है। यहाँ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीरों और व्यापारियों का आवागमन होता है। पिछले कई वर्षों से यहाँ एक सार्वजनिक शौचालय की नितांत आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए रविराज सिंह ठाकुर ने नगर पालिका परिषद मुंगेली को एक औपचारिक आवेदन सौंपकर यहाँ सुलभ शौचालय निर्माण की पुरजोर मांग की थी।

प्रशासन ने पूरा किया मांग,लाखों की लागत से तैयार हुआ भवन
‘सुशासन तिहार’ के तहत मिली इस मांग पर नगर पालिका परिषद ने त्वरित कार्यवाही की। जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए लाखों रुपये की लागत से रामगढ़ रोड पर एक आधुनिक सुलभ शौचालय का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य पूरा होने से क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने और राहगीरों को हो रही असुविधा दूर होने की पूरी संभावना है।
रविराज सिंह ने जताया आभार,साथ ही की यह अपील
अपनी मांग पूरी होने पर स्थानीय निवासी रविराज सिंह ठाकुर ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि:
“यह प्रशासन की संवेदनशीलता है कि उन्होंने आम जनता की बुनियादी जरूरत को समझा और सुलभ शौचालय का निर्माण कराया। लेकिन भवन पूरी तरह बनकर तैयार है,बस इसके औपचारिक शुभारंभ की प्रतीक्षा है।”
रविराज सिंह ने पुनःनगर पालिका परिषद से अपील की है कि इस आवश्यक सुविधा को बिना किसी विलंब के जल्द से जल्द जनता के लिए खोल दिया जाए,ताकि राहगीरों,व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को इसका समुचित लाभ मिल सके और खुले में शौच जैसी समस्याओं से मुक्ति मिल सके।
आम जनता को शुभारंभ की प्रतीक्षा
वर्तमान में शौचालय का भवन बनकर खड़ा है,लेकिन इसके चालू न होने से लोग अब भी इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि इसका लोकार्पण शीघ्र कर दिया जाए,तो यह ‘सुशासन’ की दिशा में एक बड़ा कदम होगा और शासन की मंशा के अनुरूप लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।



