मुंगेली/नगर के स्थानीय राधाकृष्ण मंदिर में केशरवानी महिला समिति द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हनुमान जी का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा,भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर ढोलक और मंजीरों की मधुर थाप से गूंज उठा,जहां महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
समिति की सदस्य जया गुप्ता ने बताया कि हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पवन देव द्वारा अंजना माता को प्राप्त पायसम के सेवन से वीर हनुमान का जन्म हुआ। उनके स्वरूप में वानर जैसा रूप था,किंतु पवन देव ने उन्हें अपना पुत्र स्वीकार किया,इसी कारण वे पवनपुत्र के नाम से भी प्रसिद्ध हैं।
इस पावन अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना,हनुमान चालीसा का पाठ और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। सनातन परंपरा में हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना जाता है और वे भगवान राम के परम भक्त हैं। उन्हें संकटमोचन के रूप में पूजा जाता है, जो अपने भक्तों को हर प्रकार के भय और कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान हनुमान जी की प्रतिमा पर सिंदूर,चमेली का तेल और बूंदी के लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। साथ ही हनुमान गायत्री मंत्र का जाप भी किया गया,जिसे अत्यंत फलदायी माना जाता है। महिलाओं ने पांच दीप प्रज्वलित कर स्वास्तिक और ॐ का सुंदर स्वरूप बनाया,जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
इस अवसर पर राजुल केशरवानी द्वारा प्रसाद स्वरूप भंडारे का आयोजन किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण अमूल गुप्ता रहे, जिन्होंने बालवीर हनुमान का मनमोहक रूप धारण कर सभी का दिल जीत लिया।
इसके अतिरिक्त, ज्योति गुप्ता द्वारा हनुमान चालीसा का वितरण किया गया तथा रोचक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं,जिनमें मनीषा गुप्ता विजेता रहीं और उन्हें पुरस्कृत किया गया।
इस भक्तिमय आयोजन में अनिता गुप्ता,जया गुप्ता,प्रमिला गुप्ता,सपना गुप्ता,ज्योति गुप्ता,संध्या दीवान,राजुल केशरवानी,अमिता केशरवानी,सीमा गुप्ता,मनोरमा गुप्ता,रिंकी गुप्ता,सुरेखा,रंजीता,सरोज,सावित्री,सविता,विभा,आशा,विजेता,सुलोचना,अंजली और शुचि सहित बड़ी संख्या में समिति की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
हनुमान जयंती का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा,बल्कि इसने समाज को शक्ति,निस्वार्थ सेवा,साहस और भक्ति के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायक संदेश भी दिया।










