मुंगेली/जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान में इजाफा होने के साथ ही आम लोगों को राहत देने के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। खासकर सरकारी दफ्तरों में आने वाले लोगों को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी जूझना पड़ रहा है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुंगेली के कार्यालय परिसर में लाखों रुपए की लागत से लगाया गया वाटर एटीएम पिछले कई दिनों से खराब पड़ा हुआ है। यह वाटर एटीएम आम लोगों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था,लेकिन अब यह सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है।
कार्यालय परिसर में ही तहसील कार्यालय और उसके बाजू में रजिस्ट्री कार्यालय स्थित है,जहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग अपने जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं। तेज गर्मी में घंटों इंतजार करने वाले इन लोगों को पीने के पानी की सुविधा न मिल पाने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले वाटर एटीएम से उन्हें राहत मिलती थी,लेकिन अब इसके खराब हो जाने के बाद उन्हें बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है या फिर बिना पानी के ही काम चलाना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों,महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा कठिन हो गई है।
वाटर एटीएम,जो कभी लोगों की प्यास बुझाने का माध्यम था, आज धूल खा रहा है और उसकी सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। यह स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करती है।
गर्मी के इस मौसम में पेयजल की व्यवस्था का अभाव प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इस बंद पड़े वाटर एटीएम को दुरुस्त कर आम जनता को राहत दिलाते हैं।



