मुंगेली/रिश्तों के कत्ल और जमीन के लालच की एक सनसनीखेज वारदात का मुंगेली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत की गुमशुदगी का मामला एक सुनियोजित हत्या का निकला,जिसे उनके अपने ही सगे भाइयों,भतीजों और भांजे ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा है।
लापता होने से शुरू हुई जांच
घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 को हुई,जब ग्राम मनोहरपुर राईस मिल के पास 62 वर्षीय दामोदर सिंह राजपूत (रिटायर्ड लेखापाल,शिक्षा विभाग) की लावारिस मोटरसाइकिल मिली। उनके भाई बलबीर सिंह ने लालपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग और मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर और अति. पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
‘त्रिनयन एप’ और हाईटेक कैमरों से मिला सुराग
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुंगेली जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सरहदी क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। ‘त्रिनयन एप’ के माध्यम से संदिग्धों का रूट चार्ट तैयार किया गया, जिसमें एक स्लेटी रंग की हुंडई ईयॉन कार (CG 10 AC 8986) मृतक का पीछा करती नजर आई। जांच में पता चला कि यह कार ग्राम झाफल के संजय यादव ने किराए पर ली थी। जब संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई,तो उसने हत्या की पूरी साजिश उगल दी।
10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक दामोदर सिंह के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत,साले पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने मिलकर हत्या का ताना-बाना बुना था। आरोपियों की नजर दामोदर सिंह की 4 करोड़ रुपये की जमीन और 30 तोला सोने पर थी। उन्होंने संजय यादव को हत्या के लिए 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी दी थी।
21 मार्च को जब दामोदर सिंह झाफल के लिए निकले,तो रास्ते में संजय यादव और उसके साथियों ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। साक्ष्यों को छुपाने के लिए आरोपियों ने शव को कवर्धा जिले के पंडरिया थाना अंतर्गत देवसरा के जंगलों में नदी के किनारे रेत में दफन कर दिया था।
बेटे को फंसाने और गुमराह करने की कोशिश
साजिश इतनी गहरी थी कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई चालें चलीं।
मृतक के अपने बेटे संजय राजपूत से संबंध खराब थे। आरोपियों ने एक फर्जी नोटरी तैयार करवाई जिसमें यह दिखाया गया कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों को बेच रहे हैं और बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते।
प्रयागराज का ड्रामा:हत्या के बाद मृतक का मोबाइल फोन प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिकवा दिया गया,ताकि पुलिस और परिजन यह समझें कि दामोदर सिंह संन्यासी बनकर कहीं चले गए हैं।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पंडरिया के जंगल से शव को खोदकर बाहर निकाला और पोस्टमार्टम कराया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त टाटा स्पेशियों गोल्ड,ईयॉन कार,स्कूटी,मोटरसाइकिल और सुपारी की रकम के 96,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
1. रणजीत सिंह राजपूत पिता बारेलाल उम्र 55 वर्ष निवासी झाफल,थाना लोरमी (मृतक का भाई)
2. पालेश्वर राजपूत पिता स्व.रामधुन उम्र 50 वर्ष निवासी झाफल,थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का साला)
3. रामपाल सिंह राजपूत पिता आजुसिंह उम्र 53 वर्ष निवासी लोरमी,थाना लोरमी (मृतक का चचेरा भाई)
4. पराग सिंह राजपूत पिता बलवीर सिंह उम्र 49 वर्ष निवासी झाफल,थाना लोरमी (मृतक के भाई बलबीर का पुत्र)
5. हेमंत राजपूत पिता रणजीत उम्र 26 वर्ष निवासी झाफल,थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का पुत्र)
6. अजय राजपूत पिता भुनेश्वर सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी सारधा (मृतक का भांजा)
7. संजय यादव पिता लल्लुराम उम्र 37 वर्ष निवासी झाफल थाना लोरमी
8. श्रवण उर्फ प्रिंस गोई पिता श्याम उम्र 18 वर्ष निवासी जवाहर वार्ड मुंगेली
9. योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर पिता राधेश्याम उम्र 18 वर्ष 10 माह निवासी कालीमाईवार्ड मुंगेली
10. देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार पिता रामसहाय उम्र 23 वर्ष निवासी झझपुरीकला लोरमी
11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु पिता धन्नू उम्र 20 वर्ष निवासी बस स्टैण्ड लोरमी
एवं 04 विधि से संघर्षरत बालक
पुलिस ने सभी 11 आरोपियों के विरुद्ध हत्या,अपहरण और षड्यंत्र की विभिन्न धाराओं (BNS) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
मामले को सुलझाने में इनका रहा सराहनीय योगदान
उक्त कार्यवाही मे निरी.प्रसाद सिन्हा प्रभारी सायबर सेल,थाना प्रभारी लोरमी निरी.अखिलेश वैष्णव,थाना प्रभारी लालपुर उपनिरी.सुन्दरलाल गोरले,थाना प्रभारी जरहागांव उपनिरी.सतेन्द्रपुरी गोस्वामी,सउनि दिलीप प्रभाकर,प्र.आर. नोखेलाल कुर्रे,नरेश यादव,,यशवंत डाहिरे,रवि जांगड़े,राजकुमार जांगड़े,बलदेव राजपूत आर. भेषज पाण्डेकर,हेमसिंह,गिरीराज सिंह,राहुल यादव,रवि मिन्ज,परमेश्वर जांगड़े,राकेश बंजारे,जितेन्द्र ठाकुर,रमाकांत डाहिरे,रामकिशोर कश्यप,तोरन सोनवानी,विजय बंजारे,रवि डाहिरे,देवेन्द्र नागरची,राहुलकांत कश्यप,जितेन्द्र सिंह,उमेश सोनवानी की अहम भुमिका रही



