मुंगेली/जिला मुंगेली में रजक (धोबी) समाज द्वारा आयोजित भव्य वार्षिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन दाऊपारा स्थित सामुदायिक भवन,कोदवा रोड,त्रिलोक धाम मंदिर के पास में किया गया,जिसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक परंपराओं के अनुरूप की गई। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज की आंतरिक समस्याओं का समाधान,वार्षिक आय-व्यय का पारदर्शी विवरण प्रस्तुत करना तथा समाज में एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करना रहा।
अतिथियों ने दिया एकजुटता और शिक्षा का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित प्रहलाद रजक,अध्यक्ष,रजककार विकास बोर्ड,छत्तीसगढ़ शासन मौजूद रहे। उन्होंने कहाकि सामाजिक विकास के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।अति विशिष्ट अतिथि के रूप में तुलसी कौशिक,निज सहायक,मुख्यमंत्री छ.ग. शासन
वही उक्त आयोजन में अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहाकि समाज के युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि समाज के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने कहाकि समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ने और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। वही इस दौरान उन्होंने समाज सौ कुर्सी प्रदान करने की घोषणा की साथ ही समाज के अन्य मांगो से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराने की बात कही
वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग पर जोर देते हुए कहाकि मिल-जुलकर कार्य करने से ही समाज निरंतर प्रगति कर सकता है।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
सम्मेलन के दौरान समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं और नवनिर्वाचित सामाजिक जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक वक्ताओं ने कहाकि शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी समाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाती है।
इस सफल आयोजन में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। राज स्तर पर अध्यक्ष भागीराम निर्मलकर एवं कार्यकारी अध्यक्ष बहल निर्मलकर सक्रिय रहे। वहीं संभागीय सचिव दिनेश निर्मलकर साथ ही जिला स्तर पर जिला अध्यक्ष दिलीप रजक,कार्यकारी अध्यक्ष टेकलाल निर्मलकर एवं उपाध्यक्ष तिजऊ निर्मलकर ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। संरक्षक मंडल में शंभू निर्मलकर,फागुराम रजक और नारायण निर्मलकर सहित अन्य वरिष्ठ सदस्यों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और समाज के समग्र विकास के संकल्प के साथ हुआ। सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा,संगठन और जागरूकता के माध्यम से ही समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।



