मुंगेली/वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार 14 मार्च 2026 को जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय तथा राजस्व न्यायालय मुंगेली में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया। लोक अदालत के माध्यम से कुल 17,319 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया तथा लगभग 74,86,677 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
जिला न्यायालय मुंगेली में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रातः 10:45 बजे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमति गिरिजा देवी मेरावी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों,अधिवक्ताओं और पक्षकारों की उपस्थिति में लोक अदालत की कार्यवाही प्रारंभ हुई।
नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय मुंगेली में 6 खंडपीठ, तहसील न्यायालय लोरमी में 1 खंडपीठ तथा राजस्व न्यायालय में 8 खंडपीठ का गठन किया गया। इन खंडपीठों के समक्ष विभिन्न प्रकार के प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया।
लोक अदालत में न्यायालय में लंबित 2,097 प्रकरण तथा जिला न्यायालय एवं राजस्व न्यायालय के प्री-लिटिगेशन के 19,709 प्रकरण, कुल मिलाकर 21,806 मामलों को सुनवाई हेतु रखा गया था। इनमें से न्यायालय में लंबित 1,828 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें 58,01,797 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं प्री-लिटिगेशन के 15,491 प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण करते हुए 16,84,880 रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया गया।
नेशनल लोक अदालत के दौरान कई पारिवारिक मामलों में भी सुलह का मार्ग अपनाया गया। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश राजीव कुमार की खंडपीठ द्वारा पति-पत्नी के बीच उत्पन्न विवाद को काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाया गया। दोनों पक्षों को आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने के लिए समझाइश दी गई, जिसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से मामले का समझौते के आधार पर निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का त्वरित समाधान होने से न केवल न्यायालयों का लंबित कार्य कम हुआ,बल्कि पक्षकारों को भी आपसी सहमति से शीघ्र न्याय प्राप्त हुआ।



