रायपुर/मुंगेली/छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता एवं साहित्यिक जगत में पिछले चार दशकों से अपनी सशक्त पहचान बनाए हुए प्रतिष्ठित पत्रिका ‘मामा भांजा टाइम्स’ के 42वें होली विशेषांक का भव्य विमोचन रविवार को राजधानी रायपुर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह विशेष अवसर साहित्य,पत्रकारिता और सांस्कृतिक चेतना के संगम का साक्षी बना।
रायपुर के लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में वीआईपी रोड स्थित उनके निवास श्रीराम वाटिका में आयोजित समारोह में पत्रिका का विधिवत विमोचन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों,पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
संस्कृति और जनभावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति:बृजमोहन अग्रवाल
विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किसी भी पत्रिका का लगातार 42 वर्षों तक प्रकाशित होना उसकी विश्वसनीयता, सामाजिक प्रतिबद्धता और पाठकों के अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘मामा भांजा टाइम्स’ ने मुंगेली सहित पूरे छत्तीसगढ़ की संस्कृति,लोकजीवन और जनभावनाओं को सशक्त मंच प्रदान किया है।
उन्होंने पत्रिका के प्रधान संपादक प्रेम आर्य एवं उनकी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं देते हुए इसे सांस्कृतिक धरोहर बताया।
गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ समारोह
कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश केशरवानी ने की। इस अवसर पर रायपुर,मुंगेली तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार,साहित्यकार,सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अतिथियों ने पत्रिका की उत्कृष्ट सामग्री,सामाजिक सरोकारों और साहित्यिक योगदान की सराहना की।
चार दशक से अधिक का प्रेरणादायी सफर
प्रधान संपादक प्रेम आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मामा भांजा टाइम्स’ केवल एक पत्रिका नहीं बल्कि एक सतत चलने वाली सांस्कृतिक परंपरा है,जिसने समय-समय पर समाज की आवाज को प्रमुखता से उठाया है।
उन्होंने बताया कि 42वें होली विशेषांक में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति,परंपराएं,होली के रंग,साहित्यिक रचनाएं तथा समसामयिक विषयों को विशेष स्थान दिया गया है।
होली की शुभकामनाओं के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने एक-दूसरे को आगामी होली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं तथा पत्रिका के निरंतर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह सौहार्द,साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ।



