मुंगेली/केंद्र सरकार द्वारा लंबे समय से प्रतीक्षित चार नए लेबर कोड को लागू किए जाने के निर्णय का भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने जोरदार स्वागत किया है। भारतीय मजदूर संघ के केंद्रीय नेतृत्व ने कहा कि यह निर्णय देश के समस्त श्रमिक वर्ग की गरिमा,सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। नई श्रम संहिताओं को वर्तमान श्रम बाजार की उभरती जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है,जिसमें असंगठित मजदूरों,महिलाओं,गिग वर्करों और प्लेटफॉर्म आधारित श्रमिकों के लिए पेंशन,ग्रेज्युटि और सामाजिक सुरक्षा के मजबूत प्रावधान शामिल किए गए हैं।
संघ ने बताया कि लेबर कोड के मसौदे को अंतिम रूप देने के दौरान भारतीय मजदूर संघ द्वारा दिए गए कई महत्वपूर्ण सुझावों को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से लंबित सुधारों को एकीकृत और सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नए लेबर कोड न केवल श्रम कानूनों को समयानुकूल बनाते हैं, बल्कि उद्योग और श्रमिकों के बीच संतुलित और सहयोगपूर्ण माहौल तैयार करने की दिशा में भी मददगार होंगे।
भारतीय मजदूर संघ का मानना है कि इन लेबर कोड का वास्तविक लाभ तभी श्रमिकों तक पहुंचेगा जब केंद्र और राज्य सरकारें इनके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक नियमावली और प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करें। संघ ने इस दिशा में तत्काल पहल करने की अपील भी की है।
भारतीय मजदूर संघ जिला मुंगेली के जिला मंत्री रविकांत सिंह ठाकुर ने छत्तीसगढ़ के सभी संगठित एवं असंगठित मजदूरों को नए श्रम कानूनों के लागू होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह सुधार श्रमिकों के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए नियम उद्योगों में मधुर श्रम संबंध स्थापित करेंगे,जिससे राज्य और देश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
अंत में भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों के हितों की रक्षा,उनके कल्याण और सुदृढ़ श्रम वातावरण के निर्माण के लिए अपने निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।



