मुंगेली/आस्था और परंपरा का संगम देखने को मिला मुंगेली में जहाँ ‘जय माँ दुर्गे परिवार’ के तत्वावधान में आंवला नवमी के पावन अवसर पर लगातार 15वें वर्ष भव्य पूजा और भंडारे का आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम लोरमी बाईपास रोड के पास स्थित बगीचा परिसर में संपन्न हुआ जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु महिलाओं,युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ माँ दुर्गा मंदिर के प्रमुख पुजारीगण,नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे। सभी ने सामूहिक रूप से आंवला वृक्ष की पूजा-अर्चना की और भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आंवला नवमी को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इस दिन आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि आंवले का सेवन अमृत के समान माना जाता है और इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी दिन से लेकर देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष के नीचे ही निवास करते हैं। इसलिए इस अवसर पर आंवला वृक्ष की परिक्रमा और पूजन का विशेष महत्व बताया गया है।
इस धार्मिक आयोजन में वातावरण पूर्णतः भक्ति,श्रद्धा और सामाजिक समरसता से ओतप्रोत रहा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पूजा में सम्मिलित हुईं वहीं युवाओं ने आयोजन की व्यवस्था संभालते हुए अनुकरणीय सेवा भावना का परिचय दिया।
आंवला नवमी का यह वार्षिक पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में एकता सेवा और संस्कारों की भावना को भी प्रबल करता है।




