मुंगेली/नगर के पुराने बस स्टैंड स्थित कमेटी हाल के पीछे आगर नदी पर करीब 10 साल पहले विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से एक सशक्त पुल का निर्माण कराया गया था। उस समय इस पुल का उद्देश्य मुंगेली शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा देना था।
मुंगेली जिला बनने के बाद शहर के विकास कार्यों में तेजी आई,लेकिन इस पुल की देखरेख पर विभाग का ध्यान कभी नहीं गया। निर्माण के बाद से आज तक इस पुल का नियमित मेंटेनेंस नहीं किया गया,जिसके चलते अब यह पुल धीरे-धीरे जर्जर अवस्था में पहुंचता जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न तो पुल की रेलिंग की रंगाई-पुताई की गई है,न ही सड़क की मरम्मत। जगह-जगह डामर उखड़ चुका है और किनारों पर दरारें साफ नज़र आने लगी हैं। इतना ही नहीं, पुल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे रात के समय आवागमन करना लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।
निवासियों का कहना है कि यह पुल शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से लोरमी रोड,सर्किट हाउस और अन्य प्रमुख मार्गों को जोड़ने में बड़ी सुविधा होती है। पुल बनने के बाद लोगों को काफी राहत मिली थी,लेकिन विभाग की लापरवाही ने अब इसे खतरे में डाल दिया है।

स्थानीय निवासियों की राय:
स्थानीय निवासीयों ने बताया कि,“पुल की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। रात में अंधेरा होने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विभाग को जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए।”
जनता की मांग:
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि पुल की तुरंत मरम्मत कराई जाए, रेलिंग और सड़क की स्थिति सुधारी जाए तथा रात के समय सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
आगर नदी पर बना यह पुल मुंगेली के विकास की एक अहम कड़ी है, लेकिन मेंटेनेंस की कमी ने इसे उपेक्षा का प्रतीक बना दिया है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया,तो यह पुल आने वाले समय में दुर्घटनाओं का केंद्र बन सकता है और शहर की यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।




