मुंगेली/जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार ने गुरुवार को जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला चिकित्सालय की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं,मरीजों के इलाज की स्थिति और चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता की बारीकी से जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल की लचर व्यवस्था और चिकित्सकीय कार्यों में लापरवाही को लेकर नाराज़गी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पताल आम जनता,गांवों और दूर-दराज़ इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों की उम्मीद का केंद्र है इसलिए वहां किसी भी प्रकार की उदासीनता या अनदेखी अस्वीकार्य है।
कलेक्टर ने मरीजों के कॉल का जवाब न देने,अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में उदासीनता दिखाने और इलाज की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय तथा हॉस्पिटल कंसल्टेंट सुरभि केशरवानी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “मरीजों के प्रति संवेदनशीलता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जो लोग जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरतेंगे,उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
कलेक्टर ने आगे यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां,उपकरण और सुविधाएं हमेशा उपलब्ध रहें तथा मरीजों को समय पर और मानवीय दृष्टिकोण से उपचार मिले। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की शिकायतों का तत्काल निवारण किया जाए ताकि जिला चिकित्सालय में जनता का भरोसा और मजबूत हो सके।
कलेक्टर के इस सख्त रुख से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है वहीं आमजन ने उम्मीद जताई है कि इस कदम से जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिलेगा।



