मुंगेली/कलेक्टर जनदर्शन में इस बार एक अनोखा आवेदन सामने आया है। जहां आमतौर पर लोग स्कूल,सड़क,बिजली,पानी या स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मांगें लेकर पहुंचते हैं वहीं पथरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत अमोरा के ग्रामीणों ने प्रशासन से अपनी शराब दुकान जल्द शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि शासन के आदेश अनुसार ग्राम पंचायत अमोरा में देशी-अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान का निर्माण पूरा हो चुका है लेकिन अब तक उसका संचालन प्रारंभ नहीं किया गया है। इसको लेकर ग्राम के सभी पंच, सरपंच और आस-पास के 8 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने मिलकर सामूहिक सहमति से आवेदन प्रस्तुत किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी शराब दुकान जल्द शुरू हो जाती है तो गाँव और आसपास में चल रहे महुआ व देशी शराब के अवैध कारोबार पर रोक लग सकेगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जो ब्लैक में अवैध दारू बेचते हैं उन्होंने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराकर दुकान का संचालन रुकवाने की कोशिश की ताकि उनका अवैध धंधा चलता रहे।
वही गांव में शराब दुकान जल्द खुलने को लेकर ग्रामीण अजीब तरीके का तर्क देते हुए कह रहे है कि चूंकि इनके गांव में शराब दुकान नहीं होने के चलते इन्हें मजबूरन ब्लैक में शराब लेकर पीना पड़ता है जिनसे इनका ना सिर्फ मासिक बजट गड़बड़ाता है बल्कि इन्हें आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है ग्रामीणों ने ये भी कहाकि इनके गांव से पथरिया और तखतपुर भी काफी दूर है जिसके चलते इन्हें शराब दुकान में जाकर शराब खरीदने में काफी पैसा और समय खर्च हो जाता है ऐसे में ग्रामीणों ने गांव में ही जल्द शराब दुकान खोले जाने के लिए कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किए है
ग्रामवासियों ने कहा कि यह दुकान पूरी तरह कानूनी व शासन की अनुमति से निर्मित की गई है और अब ग्रामीण चाहते हैं कि इसे जल्द से जल्द चालू किया जाए ताकि गाँव में अवैध शराब बिक्री पूरी तरह बंद हो सके और शासन को भी राजस्व का लाभ मिले।
आवेदन देने वाले में प्रमुख रूप से रामकिशन,देवनारायण,जगन्नाथ,संतोष पटेल (पंच),कैलाश कुमार,मनोहर,अमोध,चीवाराम,अमहर,सुखनंदन,दिलहरन,कमल कुमार,करन ध्रुवंशी और संतोष सहित कई ग्रामवासी मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि ग्राम पंचायत अमोरा में निर्मित देशी-अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान को शीघ्र संचालन की अनुमति दी जाए,ताकि गाँव में अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण रोक लगाई जा सके और ग्रामीणों को अधिकृत सरकारी दुकान से ही शराब उपलब्ध हो सके।



