आगर क्लब ग्राउंड से कलेक्ट्रेट तक गूंजे मांगों के स्वर,संयुक्त मंच ने शासन-प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र निराकरण की लगाई गुहार
मुंगेली/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच के बैनर तले जिलेभर की करीब 2200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर में रैली निकालकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। जिला अध्यक्ष नीता दास एवं जिला अध्यक्ष प्रभा डहरिया के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने हिस्सा लिया। रैली नगर के आगर क्लब ग्राउंड से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट पहुंची,जहां प्रतिनिधिमंडल ने शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।
संयुक्त मंच ने ज्ञापन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं,कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को मिलने वाले मानदेय,सामाजिक सुरक्षा और विभागीय कार्यों के अतिरिक्त बढ़ते कार्यभार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मंच का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें कई ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनके समाधान के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है।
नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की प्रमुख मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित किया जाए। नियमितीकरण होने तक श्रम कानूनों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 25,500 रुपये मानदेय दिए जाने की मांग रखी गई है। मंच ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के बीच परिवार का भरण-पोषण करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर पदोन्नति देने की मांग
संयुक्त मंच ने सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत करने तथा उम्र संबंधी बंधन समाप्त करने की मांग भी उठाई है। मंच का कहना है कि लंबे समय तक विभाग में सेवा देने वाली सहायिकाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए पदोन्नति की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता है।
समूह बीमा,पेंशन और ग्रेच्युटी की मांग
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए समूह बीमा,पेंशन,ग्रेच्युटी और पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मंच ने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। इसलिए कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाना चाहिए।
मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता की मांग
संयुक्त मंच ने सेवा के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका की आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। साथ ही ज्ञापन में सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ता को पांच लाख रुपये तथा सहायिका को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल दिए जाने की मांग रखी गई है, ताकि लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
मध्यप्रदेश की तर्ज पर मानदेय में वृद्धि की मांग
ज्ञापन में मध्यप्रदेश की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की वृद्धि किए जाने की मांग भी शामिल है। मंच ने कहा कि महंगाई के साथ खर्च लगातार बढ़ रहे हैं,इसलिए मानदेय में नियमित वृद्धि की व्यवस्था होनी चाहिए।
विभागीय कार्यों के अतिरिक्त बोझ पर भी जताई चिंता
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि केंद्र संचालन और विभागीय जिम्मेदारियों के अलावा कई अन्य कार्य भी सौंपे जाते हैं। इससे नियमित विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं और कार्यकर्ताओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। मंच ने शासन-प्रशासन से इस समस्या पर गंभीरता से विचार करने और कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की जायज मांगों का निराकरण करने की अपील की है।
रैली के माध्यम से संयुक्त मंच ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें उचित मानदेय,सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
जिला अध्यक्ष नीता दास ने कहाकि
“आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं। हम चाहते हैं कि शासन हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और नियमितीकरण,मानदेय वृद्धि,पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले,ताकि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक राहत मिल सके।”
जिला अध्यक्ष प्रभा डहरिया ने कहाकि
“आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संयुक्त मंच के माध्यम से हमने अपनी मांगें शासन-प्रशासन के समक्ष रखी हैं। हमें उम्मीद है कि हमारी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाएगा।”
मुंगेली एसडीएम मायानंद चंद्रा ने कहाकि
“आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और उनकी मांगों को नियमानुसार संबंधित अधिकारियों एवं विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।”



