मुंगेली/पाठकपारा (सोनारपारा) निवासी भागवताचार्य पं. सागरानंद पाठक के असामयिक निधन से नगर में शोक की लहर,धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति
नगर के पाठकपारा (सोनारपारा) निवासी एवं भागवताचार्य पं. सागर पाठक का बुधवार,21 अक्टूबर की सुबह लगभग 4 बजे कार्डियक अरेस्ट (हृदयाघात) के कारण 45 वर्ष की आयु में दुखद असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिजनों,रिश्तेदारों,परिचितों एवं शुभचिंतकों में शोक व्याप्त है। कम उम्र में उनके इस तरह चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पं. सागर पाठक धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और भागवताचार्यएवं उपरोहित के रूप में अपनी पहचान रखते थे। उनके निधन से उनके परिवार और परिचितों को गहरा आघात पहुंचा है। उनके असामयिक निधन से नगर में शोक का माहौल है।
वे पूर्व में शिशु मंदिर के आचार्य रहे स्वर्गीय कमल प्रसाद पाठक के सुपुत्र थे। पं. सागर पाठक अपने पीछे मां,पत्नी,एक पुत्र एवं एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार ने अपना प्रिय सदस्य खो दिया है। इस दुखद घड़ी में परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
आज सुबह 11:30 बजे होगा अंतिम संस्कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पं. सागर पाठक का अंतिम संस्कार आज बुधवार,21 अक्टूबर को प्रातः 11:30 बजे मुंगेली के दाऊपारा मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन एवं अंतिम संस्कार में परिजनों,रिश्तेदारों,परिचितों और शुभचिंतकों के शामिल होने की संभावना है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति!



