मुंगेली/जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने और युवा पीढ़ी को कानून व सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के उद्देश्य से मुंगेली पुलिस द्वारा एक सराहनीय सामाजिक अभियान की शुरुआत की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के कुशल मार्गदर्शन व निर्देशों के तहत
“पहल अभियान:बदलाव की शुरुआत सुरक्षा के साथ”कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत दिनांक 29 जुलाई 2026 को नगर पालिका स्कूल मुंगेली एवं 30 जुलाई 2026 को आगर स्कूल मुंगेली में छात्र-छात्राओं के लिए वृहद जागरूकता सत्र आयोजित किए गए,जिसमें दोनों विद्यालयों के कुल 417 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महत्वपूर्ण व जीवनोपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण एवं मुख्य बिंदु
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें दैनिक जीवन में काम आने वाले नियमों,साइबर अपराधों से बचाव और नैतिक मूल्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम को मुख्य रूप से चार प्रमुख स्तंभों में बांटा गया था
यातायात जागरूकता:’नियमों का पालन,जीवन का रक्षण’
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति कड़ाई से जागरूक किया गया।
नाबालिग ड्राइविंग पर रोक:स्पष्ट किया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाना सख्त मना है। अभिभावकों को भी इस बात का ध्यान रखने की अपील की गई।
सुरक्षा के बुनियादी नियम:हेलमेट पहनने की अनिवार्यता,शराब पीकर वाहन न चलाने,दोपहिया पर तीन सवारी न बैठाने और वाहन की गति नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए।
वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी:पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर सुरक्षा:डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाव
आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई।
साइबर फ्रॉड से सतर्कता:ऑनलाइन धोखाधड़ी,फर्जी कॉल और सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों को पहचानने के तरीके बताए गए।
हेल्पलाइन नंबर 1930:साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराने का सुरक्षा मंत्र दिया गया।
नशा मुक्ति एवं स्वस्थ जीवन शैली
युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर एक सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई।
नशा मुक्ति सहायता और मार्गदर्शन के लिए 1931 हेल्पलाइन नंबर के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा तथा पॉक्सो (POCSO) एक्ट
विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और यौन अपराधों से सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाया गया।
पॉक्सो एक्ट की जानकारी:बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न,यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।
डिजिटल सतर्कता:सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाने,गलत संदेशों से सावधान रहने और ऑनलाइन अश्लील सामग्री से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई।
बदलाव की ओर एक मजबूत कदम
मुंगेली पुलिस का यह “पहल अभियान” न केवल विद्यार्थियों को जागरूक बना रहा है,बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में स्कूली बच्चों ने पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए इन नियमों को स्वयं अपनाने और अपने परिवार व दोस्तों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।



