मुंगेली/श्रावण मास के पावन अवसर पर आस्था और भक्ति से सराबोर कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को पुलिस विभाग में पदस्थ लोकेश राजपूत एवं राजकुमार पाली के नेतृत्व में उनके साथियों ने ग्राम सेतगंगा स्थित प्राचीन श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर के पवित्र कुंड से विधि-विधानपूर्वक जल ग्रहण कर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया।
कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हुए लगभग 20 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरे रास्ते शिव भक्ति में लीन नजर आए। कांवड़िए ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। शिव भजनों पर कांवड़ियों ने उत्साहपूर्वक झूमते हुए श्रद्धा और उमंग के साथ यात्रा पूरी की।
शंकर मंदिर और पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर में चढ़ाया जल
लगातार करीब 20 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद कांवड़ यात्रा नगर के प्रसिद्ध शंकर मंदिर पहुंची, जहां कांवड़ियों ने भगवान शिव का विधिवत पूजन-अर्चन कर पवित्र जल अर्पित किया। इसके पश्चात कांवड़िए पुलिस लाइन परिसर में स्थित शिव मंदिर पहुंचे और वहां भी भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
इस दौरान कांवड़ियों ने भगवान शिव से पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों सहित उनके परिवारों तथा पूरे मुंगेली जिलेवासियों के सुख,शांति,समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा पूरा यात्रा मार्ग
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कांवड़िए हाथों में कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान लगातार शिव भजनों और ‘ॐ नमः शिवाय’ के मंत्र जाप से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था और धार्मिक भावना के साथ कांवड़ियों ने कठिन पदयात्रा पूरी कर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित किया।
इनकी रही प्रमुख सहभागिता
इस धार्मिक कांवड़ यात्रा में लोकेश राजपूत,राजकुमार पाली,बीरेन्द्र राजपूत,कोविद राजपूत,देवेश साहू,दिलीप साहू,आर्यन राजपूत,अरमान राजपूत एवं अततू सहित अन्य साथी शामिल रहे।
सभी कांवड़ियों ने श्रद्धा,अनुशासन और उत्साह के साथ यात्रा पूरी करते हुए भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रावण के दूसरे सोमवार को आयोजित इस कांवड़ यात्रा ने पुलिस विभाग के साथियों के बीच धार्मिक आस्था,आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना को भी मजबूत किया।



