मुंगेली/नगर पालिका परिषद मुंगेली पर बिजली बिल का भारी-भरकम बकाया अब नगरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। नगर पालिका परिषद पर बिजली विभाग का कुल ₹61,14,79,217 (61 करोड़ 14 लाख 79 हजार 217 रुपये) बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है। करोड़ों रुपये के इस बकाया भुगतान को लेकर बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर के कई प्रमुख इलाकों की स्ट्रीट लाइटों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी है। इसके चलते शहर के गौरवपथ,पुराना बस स्टैंड सहित कई गलियों और अन्य क्षेत्रों में रात होते ही अंधेरा छाने लगा है।
नगर की सड़कों और गलियों में रोशनी की व्यवस्था करना नगर पालिका की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके बावजूद बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण अब इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। गौरवपथ जैसे प्रमुख मार्ग और पुराने बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक आवागमन वाले क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट बंद होने से लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर रात के समय पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों, व्यापारियों और राहगीरों के लिए अंधेरा परेशानी का कारण बन रहा है।
बिजली विभाग ने पहले दी थी सूचना,जवाब नहीं मिलने पर की कार्रवाई
इस पूरे मामले में बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री नंद किशोर सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिका परिषद मुंगेली का बिजली बिल करोड़ों रुपये बकाया है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिकारियों को पूर्व में कई बार अवगत कराया गया था,लेकिन उनकी ओर से बकाया बिजली बिल के भुगतान को लेकर किसी प्रकार की ठोस पहल या प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए नगर पालिका क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटों का विद्युत विच्छेदन कर दिया है।
कार्यपालन यंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि नगर पालिका की ओर से बकाया बिजली बिल जमा करने के संबंध में कोई पहल नहीं की जाती है तो विभाग द्वारा आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि केवल नगर पालिका ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी विभागों का बिजली बिल भी बकाया है। संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों को भी बकाया राशि के संबंध में अवगत करा दिया गया है। यदि उनके द्वारा भी भुगतान को लेकर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है तो बिजली विभाग अन्य बकायादार विभागों के विरुद्ध भी अभियान चलाकर विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई करेगा।
अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा भुगत रही जनता
बिजली बिल के बकाया भुगतान को लेकर नगर पालिका और बिजली विभाग के बीच चल रही इस स्थिति का सीधा असर आम जनता पर दिखाई देने लगा है। नगरवासियों का कहना है कि बिजली,सड़क,पानी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी हुई हैं। स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात के समय दुर्घटनाओं, चोरी और अन्य असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
लोगों का यह भी कहना है कि सरकारी विभागों के बीच बकाया भुगतान को लेकर जो भी विवाद या प्रशासनिक प्रक्रिया हो, उसका असर आम नागरिकों की सुविधाओं पर नहीं पड़ना चाहिए। नगर की सुरक्षा और आवागमन को ध्यान में रखते हुए स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था जल्द बहाल की जानी चाहिए।
अब देखना होगा कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी
फिलहाल करोड़ों रुपये के बिजली बिल बकाया होने और स्ट्रीट लाइटों की बिजली काटे जाने के बाद नगर की रोशनी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर बिजली विभाग बकाया राशि की वसूली को लेकर सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है,वहीं दूसरी ओर नगर पालिका की ओर से भुगतान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं,यह देखना महत्वपूर्ण होगा। अब नगरवासियों की निगाहें नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का समाधान कर कब तक शहर की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दोबारा शुरू करवाते हैं।



