मुंगेली से अतुल ठाकुर की रिपोर्ट/भारी वाहनों को शहर से बाहर निकालने और सड़क यातायात को सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से चातरखार से गीधा तक बाईपास सड़क का निर्माण कराया गया था। इस सड़क का उद्देश्य शहरवासियों को राहत देना था, लेकिन अब यही बाईपास सड़क आसपास के ग्रामीणों के लिए परेशानी और दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है।
गंभीर समस्या यह है कि बाईपास से लगे गांवों के टर्निंग पॉइंट्स पर विभाग द्वारा स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं। जिसके चलते आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं और ग्रामीण इसकी चपेट में आ रहे हैं।
इसी कड़ी में गुरुवार को एक और हादसा हो गया। रामगढ़ और खैरवार गांव के टर्निंग पर एक कार चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से मोटरसाइकिल पर आ रहे ग्राम नुनियाकछार निवासी शिवनंदन यादव को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में शिवनंदन यादव के सिर और पैर पर गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल मुंगेली पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया। फिलहाल घायल युवक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इस दुर्घटना से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने बाईपास के रामगढ़-खैरवार टर्निंग सहित अन्य मोड़ों पर शीघ्र ही स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग लोक निर्माण विभाग से की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें ग्राम नुनियाकछार से सूरज सिंह ठाकुर,महेश निषाद,अगर दास,सोनू यादव,रामेश्वर निषाद,सुनील निषाद,तुलसी निषाद,पुरूषोतम निषाद,थूकेल निषाद नरसिंह निषाद,मेहतर निषाद,सोहित यादव,रजनू निषाद,सिद्धराम यादव,ध्रुव विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे। वहीं ग्राम खैरवार से प्रदीप साहू,बीरेंद्र साहू,दुर्गा प्रसाद टंडन,लेखराम ध्रुव,संजय भार्गव,छोटू साहू समेत कई लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि विभाग जल्द कार्रवाई नहीं करता तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
👉 यह घटना एक बार फिर से लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को उजागर करती है और यह सवाल उठाती है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी चूक क्यों की गई?



