मुंगेली/सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव एवं सिंधी नववर्ष के पावन पर्व चेट्री चंड्र के अवसर पर मुंगेली में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और समाज को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान झूलेलाल की आराधना की और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया। इस दौरान शोभायात्रा,भजन-कीर्तन,आरती का भी आयोजन किया गया,जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मान्यता के अनुसार भगवान झूलेलाल को जल के देवता वरुण देव का अवतार माना जाता है। सिंधी समाज में उनकी विशेष मान्यता है और वे समाज के संरक्षक देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
चेट्री चंड्र का महत्व और इतिहास
चेट्री चंड्र सिंधी समाज का प्रमुख पर्व है,जो हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसी दिन से सिंधी नववर्ष की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान झूलेलाल का अवतार हुआ था,जिन्होंने अन्याय के खिलाफ लोगों की रक्षा की और धर्म की स्थापना की।

पर्व को लेकर समाज में उत्साह का माहौल
मुंगेली में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर समाज की एकता,आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। लोगों ने हर्षोल्लास के साथ नववर्ष का स्वागत किया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।



