मुंगेली/शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करही में जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस गरिमामय आयोजन में जिला शिक्षा अधिकारी एल. पी. डाहीरे,डीएमसी अशोक कश्यप तथा जिला साक्षरता प्रभारी रामनाथ गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती और जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की पूजा-अर्चना से की गई। विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। शाला के प्राचार्य जे. एस. ध्रुव ने जिलाशिक्षाधिकारी एवं डीएमसी का शाल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया।
इसके उपरांत विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायी जीवन पर भाषण प्रस्तुत किए। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके जल,जंगल और जमीन की रक्षा हेतु किए गए अमर संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। आदिवासी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।

प्राचार्य जे. एस. ध्रुव ने भगवान बिरसा मुंडा के अदम्य साहस, देशप्रेम और उनके शहीद होने तक के जीवन-संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए सभी आदिवासी वीर शहीदों को नमन किया।
जिलाशिक्षाधिकारी एल. पी. डाहीरे ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज में स्वाभिमान की ज्योति जगाई और जल-जंगल-जमीन की अस्मिता को बचाने हेतु व्यापक जनजागरण किया। उनके त्याग और देशभक्ति से आज की पीढ़ी को सीख लेने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर जिलाशिक्षाधिकारी,डीएमसी और प्राचार्य द्वारा विद्यालय के समस्त स्टाफ के साथ बैठक कर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देशानुसार कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम सुधारने तथा 90 प्लस लक्ष्य हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। साथ ही उपस्थित सभी को जनजाति गौरव दिवस की शुभकामनाएँ दी गईं।

कार्यक्रम का सफल संचालन मोनिका ठाकुर ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के व्याख्याता एवं शिक्षक प्रभा वैष्णव,सरिता गुप्ता,निधि दवे,भारती देवांगन,रितु पांडेय,कामना मिश्रा,जे. ई. सवरियप्पन,रश्मि शर्मा,बी. के. कश्यप,प्रतिमा पांडेय,नेहा सिंह राजपूत,सुधांशु शुक्ला,सरिता साहू,अमरेश पांडेय तथा विद्यालय के मीडिया प्रभारी नवाब अली खान मौजूद रहे।
आभार प्रदर्शन आर. के. वैष्णव द्वारा किया गया।



