मुंगेली// सतनाम मानव कल्याण समिति गुरुद्वारा गुरु गद्दी खैरा सेतगंगा धाम में समस्त सतनामी समाज एवं समिति के सभी पदाधिकारीगण सदस्यगण चन्दन लगाकर एक साथ मंदिर प्रवेश कर परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास के छाया चित्र पर पुजा अर्चना कर श्री फल तोड़कर आशीर्वाद लिए।सतनाम कार्यालय में सभी एकत्रित होकर समिति के संरक्षक चंद्रभान बारमते पुर्व विधायक मुंगेली,अध्यक्ष मानिक सोनवानी पुर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ सभी पदाधिकारीगण आसपास से आए हुए समस्त सतनामी समाज राजमहंत,जिलामहंत,साटीदार,भंडारीगण,शूरवीर राजा गुरु बालक दास जयंती के उपलक्ष्य पर सभी एक साथ शूरवीर राजा गुरु बालकदास साहेब जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर आरती व जयकारा लगाकर आशीर्वाद लिया। शूरवीर राजा गुरु बालक दास जयंती के उपलक्ष्य पर मंच संचालन कर रहे । सुखचंद भास्कर ने बाबा जी के उपदेशों को बताया साथ ही समिति के अध्यक्ष मानिक लाल सोनवानी ने गुरु बालक दास जी के जन्म से लेकर राजा की उपाधि बारे में बारकी जानकारी दिए साथ अंग्रेजों ने शूरवीर राजा गुरु बालक दास जी को राजा की उपाधि दी समाज को आगे बढ़ने का कार्य भी किया। उनके द्वारा गांव-गांव में जाकर राउटी चलाने के साथ समाज को जागरूक करने का काम किया । अपने हक और लड़ाई लेने के लिए समाज को प्रेरित किया । इन सभी विषय पर प्रकाश डाला गया साथ ही इसी कड़ी में आगे संरक्षक चंद्रभान बारमते ने गुरु बालक दास जी के द्वारा समाज के उत्थान के लिए हमेशा छत्तीसगढ़ नहीं अन्य प्रांत में भी समाज को जगाने का काम किया सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उनके द्वारा पूरे छत्तीसगढ़ में माल गुजार बनाया गया और गौंटिया की भी उपाधि राजा गुरु शूरवीर गुरु बालकदास ने दिलाई और हमेशा समाज को आन बान शान के साथ चलने के लिए प्रेरित किया समाज को हमेशा संगठन साथ रहना चाहिए और हमेशा समाज के साथ खडा होकर कंधे से कंधे मिलाकर चले जिससे आने वाले समय में समाज की एकजुटता दिखाई देगा इन सभी विषय पर बरकी से समाज को संबोधित किया । उसके बाद समिति के द्वारा श्रीफल गुरु प्रसादी सभी समाज को वितरण कर शूरवीर राजा गुरु बालकदास जंयती को हर्षउल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित समिति के संरक्षक चन्द्रभान बारमते,अध्यक्ष मानिक सोनवानी,सचिव सुखचंद भास्कर,उपाध्यक्ष जगमोहन मिरी,कोषाध्यक्ष देवचंद बंजारे,शेरदास पुजारी,अरुण टंडन,गेंदराम बनर्जी,राजेश अंचल,पर्विण कुमार,फागु घृत्तलहरे,अखिल टोन्डर,बोगी बारमते,दिपेंद्र घृत्तलहरे,भरत नवरंग,रामकुमार,सीताराम टोन्डर,शत्रुहन अनंत,रोहित बंजारा,देशराज,खेलू बर्मन,सुभाष बंजारे,सनत कुमार एवं समस्त सतनामी समाज एकत्रित हुए ।



