
रायपुर/मुंगेली/क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार सुनील नार्गव के निधन से पत्रकारिता जगत और सामाजिक क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। शनिवार 21 मार्च को दोपहर लगभग 3 बजे उन्होंने रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज जारी था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,उपचार के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई,जिसके बाद डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पत्रकारों,जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।
सुनील नार्गव अपने सरल,सहज और मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई को प्राथमिकता दी। सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना उनकी पहचान रही। वे आम लोगों की आवाज़ को मजबूती से सामने लाने के लिए जाने जाते थे।
उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और निष्पक्षता का अद्भुत संतुलन था,जिसके कारण उन्होंने क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके निधन से न केवल पत्रकारिता जगत,बल्कि पूरे समाज को एक सशक्त और जागरूक आवाज़ का नुकसान हुआ है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार,उनका अंतिम संस्कार 22 मार्च को सुबह 10 बजे उनके गृह ग्राम नेवासपुर में किया जाएगा
सुनील नार्गव के निधन पर अनेक पत्रकार संगठनों,जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल दे।



